कुदरती इलाज और फल, सब्जी अनाज


कुदरती इलाज और फल, सब्जी अनाज

कुदरत का करिश्मा है कि हमें ऐसे फल-सब्जी और अनाज मिले हैं, जिनके सेवन से हम खुद को सेहतमंद रख सकते हैं और हमें दवा की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। इसी क्रम में हम आपका उन अनाज, फल और सब्जियों से परिचय करा रहे हैं, जो शरीर के खास हिस्से के लिए फायदेमंद होते हैं और आपको सेहतमंद रखते हैं।

कुदरती इलाज और फल, सब्जी अनाज

हमारी प्रकृति खनिजों का भंडार है… यह जानते हुए भी हम अपने स्वास्थ्य की अवहेलना कर रहे हैं… महिलाएं इस मामले में ज्यादा लापरवाह हैं… वे घर में काम नही करती… व्यायाम नही करती… उनके आहार भी पौष्टिक नही हैं… नतीजा उन्हें तरह-तरह की तकलीफों ने घेरा हुआ है… हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह, थाइरोइड, कब्ज़ जैसी बीमारियों ने घर कर रखा है और वे हाई रिस्क जोन में हैं…

व्यायाम नही करना, जंक फ़ूड में रुचि, पूरी नींद नही लेना, नतीजा अव्यवस्थित जिंदगी से मोटापा उनपर हावी हो जाता है और मोटापा सारे बीमारी की जड़ है… नेचर क्योर हॉस्पिटल में मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान महिलायें इलाज के लिए आती हैं… वहां उनको कई योगासन सिखाये जाते हैं ताकि मोटापा कम हो, दिमाग तनाव मुक्त हो… मसाज थरेपी भी दी जाती है…कुछ बीमारियों में 3-5 दिनों की फास्टिंग कराई जाती है… उनको शहद के साथ नीम्बू जूस, मौसमी जूस आदि नास्ता, खाना और रात के भोजन के समय दिया जाता है… उन्हें 4 लीटर तक पानी पीने की आदत डाली जाती है… उपवास के दिनों में रोज एनिमा दिया जाता है, इससे पूरा सिस्टम ठीक हो जाता है… यदि उन्हें ब्लड प्रेशर ,थैराय्ड, गैस, मधुमेह की गंभीर समस्या है तो उन्हें फास्टिंग नही कराते, दवाएं भी बंद नही करते… उन्हें सब्जियों और फलों का सलाद देते है… 3-5 दिनों के बाद खाने में सब्जियां, मिलेजुले अनाज की रोटी, छिलके वाली दालें व छाछ देते हैं, इससे शरीर औक्सिदेंट फ्री हो जाता है…

शुरू से खानपान पर नियंत्रण, लाइफ स्टाइल, व्यायाम, योगासन करें तो कोई समस्या नही होगी… मालिश से भी शरीर को आराम मिलता है… इंसान को नेचुरोपैथी से तुरंत आराम महसूस होता है… यह कोई चमत्कार नही, इसमें वक़्त लगता है… इसके लिए धैर्य, संयम, समय और आत्म विश्वास की बहुत जरूरत है… बीमारी कोई भी हो, हर दिन व्यायाम या योगा 45 मिनट के लिए बहुत जरूरी है… बींमारी पर नियंत्रण अवश्य मिलेगा…

शरीर के हर अंग के इलाज के लिए उसी आकार के फल, सब्जी और अनाज

कुदरत का करिश्मा है कि हमें ऐसे फल-सब्जी और अनाज मिले हैं, जिनके सेवन से हम खुद को सेहतमंद रख सकते हैं और हमें दवा की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
हम सबने बचपन से सुना है कि रोज अखरोट खाने से दिमाग तेज होता है, लेकिन कभी सोचा है ऐसा क्यों है। क्योंकि उसका आकार दिमाग की तरह होता है। यह कुदरत का करिश्मा है कि हमारे आसपास ऐसे फल, अनाज और सब्जियां हैं, जिनका आकार हमारे शरीर के किसी न किसी अंग से मिलता है और उन्हें खाने से शरीर विशेष की बीमारी होने का जोखिम कम किया जा सकता है। यही नहीं, अगर बीमारी हो जाए तो उसके ठीक होने की संभावना भी होती है।

हम जैसा खाते हैं वैसा ही होते हैं

यह प्राचीन मान्यता है कि हम जैसा खाते हैं, वैसा ही होते हैं। इसलिए सदियों से सात्विक भोजन पर जोर दिया जाता रहा है। अब आधुनिक शोधों से पता चल रहा है कि ये मान्यताएं बिल्कुल सही हैं। इसी क्रम में हम आपका उन अनाज, फल और सब्जियों से परिचय करा रहे हैं, जो शरीर के खास हिस्से के लिए फायदेमंद होते हैं और आपको सेहतमंद रखते हैं।

गाजर और रोशनी का रिश्ता

अखरोट के बारे में हम बता चुके हैं। इस क्रम में अगला नंबर गाजर का है। इसे काटकर देखिए तो यह बिल्कुल आंखों के बीच के गोल हिस्से की तरह दिखता है। तभी तो इसे खाने से आंखों की रोशनी ठीक रहती है। इसमें विटामिन और बीटा केरोटीन जैसे एंटी ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो आंखों की रोशनी को खराब होने से बचाते हैं।

स्तन कैंसर से क्यों बचाता है संतरा

संतरे को बीच के काटने पर जो आकृति उभरती है वह स्तन के मैमोग्राम से मिलती जुलती है। संतरे एवं साइट्रिक एसिड वाले इसी आकार के अन्य फलों में पाया जाने वाला लिमोनॉयड्स का प्रयोगशाला में जानवरों पर प्रयोग सफल रहा है और इससे कैंसर का असर करने में मदद मिली है।

दिल का दोस्त है टमाटर

टमाटर को काटने पर उसके अंदर से भी दिल की तरह चैंबर निकलते हैं। वैज्ञानिक शोधों से साबित हुआ है कि इसमें पाए जाने वाले लाइकोपिन नामक पदार्थ के कारण टमाटर खाने वालों से दिल की बीमारियां दूर रहती हैं। टमाटर में थोड़ा मक्खन, घी या कोई भी फैट मिलाकर खाने से लाइकोपिन का असर दस गुना तक बढ़ जाता है।

अदरक 

अदरक के फायदे के कायल लोग से इसके मुरीद है लेकिन कई लोग इसके स्वाद के कारण इससे कोसों दूर रहना पसंद करते हैं। खैर, कभी ध्यान से इसे देखिए। यह बिल्कुल आमाशय (स्टमक) की तरह दिखता है। अपने देश में तो इसके गुणों से हम सदियों से परिचित हैं, लेकिन यूएस ड्रग एडिमिनिस्ट्रेशन (यूएसएफडीए) तक ने इसका लोहा मान लिया है। इसकी सूची में अदरक के तेल को अजीर्ण और उल्टी में इस्तेमाल के लिए रामबाण बताया गया है।

एक बींस का नाम किडनी बींस क्यों है

कभी आपने सोचा है कि राजमा और फ्रेंच बींस या इस परिवार के अन्य बींस का आकार किडनी की तरह क्यों होता है। क्योंकि इनके सेवन से किडनी सेहमंद रहती है। यहां तक कि एक बींस का नाम ही किडनी बींस है। इसमें फाइबर, मैग्नीशियम और पोटैशियम पाया है। फाइबर पाचन क्रिया को दुरुस्त रखता है, जबकि मैग्नीशियम और पोटैशियम किडनी स्टोन की समस्या से बचाता है।

आपके चेहरे पर मुस्कान लाता है केला

केला शायद दुनिया में सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला फल है और इसे कंप्लीट फूड भी कहा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके अंदर ट्रिप्टोफैन नामक एक प्रोटीन पाया जाता है जो केले के पचने के बाद सेरोटोनिन में बदल जाता है। यही सेरोटोनिन हमारे मूड को बुस्ट करता है। इसलिए, अगली बार जब भी आपका मूड डाउन हो तो उसे अप करने के लिए केला जरूर खाइएगा। शर्तिया फायदा होगा।

मशरूम भले न खाते हों

मशरूम को बीच के काटने पर यह बिल्कुल हमारे कान की तरह दिखता है। कान से ऊंचा सुनने वालों में मशरूम के सेवन से सुधार देखने को मिला है। कान के अलावा यह हड्डियों के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है क्योंकि इसमें काफी मात्रा में विटामिन डी भी पाया जाता है।

शकरकंद और पैंक्रियाज का रिश्ता

पैंक्रियाज का हमारे शरीर में काफी अहम रोल होता है। इस अंग का आकार शकरकंद से काफी मिलता-जुलता है। शोध से पता चला है कि शकरकंद में पाया जाने वाले तत्व पैंक्रियाज के ग्लाइसेमिक इंडेक्स को ठीक रखते हैं जिससे यह अंग सामान्य रूप से काम करता है।

अस्थमा से क्यों बचाता है अंगूर

हमारे फेफड़े के अंदर अंगूर के आकार की कई थैलीनुमा ग्रंथियां होती हैं जो कॉर्बन डाइ ऑक्साइड और ऑक्सीजन के प्रवाह को नियंत्रित करती हैं। इन्हें एल्वियोली कहा जाता है। अंगूर के सेवन से फेफड़े के संक्रमण और एलर्जी से होने वाली अस्थमा जैसी बीमारियों से लड़ने में फायदा मिलता है।

प्याज के फायदे जान हो जाएंगे हैरान

प्याज को काटकर सलाद के रूप में खूब खाया जाता है। लोग इसे अलग-अलग आकार में काटते हैं, लेकिन गभी गोलाकार काटकर देखिए। यह आकार बिल्कुल इनसान की कोशिकाओं से मिलता है। शोधों से पता चला है कि प्याज में पाए जाने वाले फाइटोकेमिकल कोशिकाओं के अपशिष्ट पदार्थों की सफाई करते हैं और उन्हें स्वस्थ रखते हैं। हम सभी जानते हैं कि ये कोशिकाएं ही जीवन का आधार हैं। कोशिकाओं से ही मिलकर ऊतक (टिश्यू) बनते हैं और कई टिश्यू मिलकर ऑरगन यानी अंग का निर्माण करते हैं।

मूंगफली और गुड़ में छिपे जबरदस्त गुण

सर्दियों में मूंगफली और गुड़ खाने से सेहत अच्छी रहती है. दोनों के मिश्रण में जबरदस्त गुण छिपे हैं. वैसे तो सिर्फ मूंगफली खाना फायदेमंद है. लेकिन जब मूंगफली को गुड़ के साथ मिलाकर खाते हैं तो इसके हेल्थ बेनिफट्स और बढ़ जाते हैं. एक शोध में सामने आए मूंगफली के साथ गुड़ खाने के फायदे. ठंड के दिनों में मूंगफली और गुड़ से बनी चिक्की खाने की भी सलाह दी जाती है. इससे बॉडी में गर्माहट बनी रहती है.

गुड़ खाने के फायदे

  • गुड़ मैग्नीशियम का अच्छा स्रोत है. गुड़ खाने से मांसपेशियों, नसों और रक्त वाहिकाओं को थकान से राहत मिलती है.
  • गुड़ पोटेशियम का भी एक अच्छा स्रोत है. इससे रक्तचाप को नियंत्रित बनाए रखने में मदद मिलती है.
  • गुड़ रक्तहीनता से पीड़ित लोगों के लिए बहुत अच्छा है. इसे लोहे का एक अच्छा स्रोत माना जाता है और यह शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर बढाने में मददगार साबित होता है.
  • गुड़ पेट की समस्याओं से निपटने का एक बेहद आसान और फायदेमंद उपाय है. यह पेट में गैस बनना और पाचन क्रिया से जुड़ी अन्य समस्याओं को दूर करता है. खाना खाने के बाद गुड़ का सेवन पाचन में सहयोग करता है.
  • सर्दी के दिनों में या सर्दी होने पर गुड़ का प्रयोग आपके लिए अमृत के समान होगा. इसकी तासीर गर्म होने के कारण यह सर्दी, जुकाम और खास तौर से कफ से आपको राहत देने में मदद करेगा.
  • गुड़ में मध्यम मात्रा में कैल्शियम, फास्फोरस और जस्ता होता है जो बेहतर स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है.
  • गुड़ गले और फेफड़ों के संक्रमण के इलाज में फायदेमंद होता है.

मूंगफली के फायदे

महिलाएं कब खा सकती हैं गुड़ और मूंगफली?

प्रेग्नेंसी के दौरान मूंगफली और गुड़ खाने से ब्लड सर्कुलेशन प्रॉपर होता है. इससे यूटरस के फंक्शन प्रॉपर होते हैं. यह बच्चे के प्रॉपर डेवलपमेंट के लिए फायदेमंद है. पीरियड्स के दौरान इसे खाने से कमर दर्द जैसी तकलीफ दूर होती है.

क्या हैं इसके फायदे

  • इसमें ओलेइक एसिड होता है, इसे खाने से कोलेस्ट्रॉल लेवल कंट्रोल रहता है. हार्ट की बीमारियों से बचाव होता है.
  • इसमें सेलेनियम जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो फर्टिलिटी रिलेटेड प्रॉबल्म से बचाते हैं.
  • इसमें प्रोटीन और कैल्शियम होता है. इससे दांत और हड्डियां मजबूत होती हैं.
  • इसमें मौजूद फाइबर्स पेट की प्रॉबलम जैसे एसिडिटी या कब्ज से बचाते हैं.
  • मूंगफली और गुड़ खाने से बॉडी के टॉक्सिंस दूर होते हैं. इससे रंग गोरा होता है. बालों में चमक बढ़ती है.
  • मूंगफली ह्रदय के लिए बहुत अच्छा होता है. यह बुरे कोलेस्ट्रॉल को घटाता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है.
  • मूंगफली पेट के कैंसर, ब्रैस्ट कैंसर और फंगल इन्फेक्शन होने की सम्भावनाएं कम करता है.
  • मूंगफली शरीर के लिए आवश्यक कई खनिज तत्वों जैसे आयरन, जिंक, मैग्नीशियम, पोटैशियम, कैल्शियम, सेलेनियम, मैंगनीज, कॉपर का बहुत अच्छा स्रोत होता है.
  • मूंगफली में पाए जाने वाला एक तत्व नियासिन मष्तिष्क में रक्त का प्रवाह बढ़ाता है, जिससे अल्झाइमर रोग, तंत्रिका तन्त्र के रोर्गों से बचाव होता है.
  • मूंगफली खाने से डायबिटीज होने की आशंका घटती है. प्रतिदिन एक संतुलित मात्रा में मूंगफली खाने से डायबिटीज होने की सम्भावना 21% कम होती है. मूंगफली में पाए जाने वाला मैंगनीज नामक तत्व ब्लड शुगर नियंत्रित करता है, शरीर में कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है और मेटाबोलिज्म तेज करता है.
  • गाल ब्लैडर में स्टोन से बचना चाहते हों तो मूंगफली खाएं. मूंगफली या पीनट बटर खाने से गाल ब्लैडर स्टोन बनने की सम्भावना 25 % घटती है.

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