सफलता की सीख


सफलता की सीख

सफलता और असफलता एक सिक्के के दो पहलू हैं. आज खुशियां हैं तो आने वाले कल में दुख के लिए भी तैयार रहिए. जीवन इसी का नाम है, बिना रुके, बिना थके कर्म पथ पर निरंतर गतिमान रहिए. घबराए बिना आप असफलता को भी मात दे सकते हैं.

सफलता और असफलता एक सिक्के के दो पहलू हैं. :

सफलता और असफलता एक सिक्के के दो पहलू हैं. आज खुशियां हैं तो आने वाले कल में दुख के लिए भी तैयार रहिए. जीवन इसी का नाम है, बिना रुके, बिना थके कर्म पथ पर निरंतर गतिमान रहिए. जानिए घबराए बिना आप असफलता को भी मात दे सकते हैं. हम भी प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण और कुछ प्रयासों के विफल हो जाने पर प्रयास करना छोड़ देते हैं। हम स्वयं को अपनी ही नकारात्मक सोच के बंधनों में बांध देते हैं और यह मानने लगते हैं कि हमारे प्रयास कभी सफल हो ही नहीं सकते। हमें कोई नहीं रोक सकता। अगर कोई रोक सकता है, तो वह है हमारी खुद की सोच। जब हम सच्चे दिल से प्रयास करते हैं तो सारी सृष्टि हमारी मदद करने लगती है और सारे बंद दरवाजे अपने आप खुल जाते हैं, लेकिन कई बार दुर्भाग्य से हम थोड़ा सा प्रयास करके उन दरवाजों तक पहुंचने का प्रयास भी नहीं करते। 

अमेजन के फाउंडर जेफ़ बेजास का कहना है कि किसी भी काम में सफलता हासिल करने के लिए आपको दुनिया पर नजर रखनी होती है कि इसका रुझान किस तरफ है और किस तरफ दुनिया जा रहा है और अगर आप दुनिया के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कुछ करते है तो आपको अपने जीवन में सफलता जरुर मिलती है |

अगर आप जरा गौर से देखे तो आज के समय में सफल होने या कहलाने के लिए पहले के मुकाबले कंही अधिक मेहनत करनी होती है और ऐसे में सफल होने के लिए आप किसी के भरोसे नहीं रह सकते क्योंकि आपको अपनी सफलता की सीढ़ियों की ओर कदम खुद बढ़ाने होते है | अपनी जिन्दगी की चीज़े खुद plan करने की जहमत उठानी होती है क्योंकि जैसा किसी सयाने ने कहा है कि ” अगर आप अपने जीवन के लिए कोई plan नहीं करते तो दूसरा कोई करता है ,और जब कोई दूसरा आपके लिए plan करता है तो आप कैसे कह सकता है वो एक प्लानिंग होगी |” इसलिए अपने करियर को खुद डिजायन करें इसके लिए आवश्यक है आप अपनी खूबियों और कमियों के बारे में खुद से रूबरू हो  और सफल होने के लिए आपको अपने निम्न कुछ चीज़े विकसित करनी होती है | 

भविष्य की पहचान – अमेजन के फाउंडर जेफ़ बेजास का कहना है कि किसी भी काम में सफलता हासिल करने के लिए आपको दुनिया पर नजर रखनी होती है कि इसका रुझान किस तरफ है और किस तरफ दुनिया जा रहा है और अगर आप दुनिया के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कुछ करते है तो आपको अपने जीवन में सफलता जरुर मिलती है | 

खुद के बारे में समझे और जाने – snapdeal के co-founder कुनाल बहल कहते है कि अपने जीवन के निर्माण करने वाले आप खुद है इसलिए खुद से ही ये सवाल करें कि आप करना क्या चाहते है और किस बात में या किस क्षेत्र में आप बेस्ट है उसी के अनुसार अपनी उर्जा उस काम में लगा दे जिस करते हुए आप आनंद महसूस करते है और अगर आप खुद के बारे में जान लेते है तो सफल होने में देर नहीं लगती इसलिए सबसे पहले सफल होने के लिए आप खुद को पहचाने |

हमेशा सीखते रहे – फेसबुक के फाउंडर मार्क चीन की मंडारिन भाषा बड़ी तेजी से और सफाई से बोल लेते है मार्क कहते है कि दुनिया तेजी से बदल रही है इसलिए आपको अपने अंदर कुछ नयी चीज़े विकसित करनी चाहिए कुछ नया सीखना चाहिए और सीखते रहने के लिए उत्सुक भी रहना चाहिए इस से आपका आत्मविश्वाश बढ़ता है और अपने काम के प्रति एक नया नजरिया भी विकसित होता है |

सफलता का गुरु मंत्र- उड़ना है तो गिरना सीख लो दोस्तों आज मैं आपको सबसे बड़ा सफलता का गुरु मंत्र बताने जा रहा हूँ। ये एक ऐसा गुरु मंत्र है जिसे अगर आपने अपनी जिंदगी में ढाल लिया तो दुनिया की कोई ताकत आपको सफल होने से नहीं रोक सकती। वो उड़ता है और गिरता है। यही क्रम निरंतर चलता जाता है। एक बार नहीं, दो बार नहीं बल्कि हजारों बार वो गिरता है लेकिन वो उड़ना नहीं छोड़ता और एक समय ऐसा भी आता है जब वो खुले आकाश में आनंद से उड़ता है। मेरे दोस्त जिंदगी में अगर उड़ना है तो गिरना सीख लो क्योंकि आप गिरोगे, एक बार नहीं बल्कि कई बार। आपको गिरकर फिर उठना है और फिर उड़ना है।

एक चिड़िया का बच्चा जब अपने घोंसले से पहली बार बाहर निकलता है तो उसके पंखों में जान नहीं होती। वो उड़ने की कोशिश करता है लेकिन जरा सा उड़कर गिर जाता है। वह फिर से दम भरता है और फिर से उड़ने की कोशिश करता है लेकिन फिर गिरता है।

याद करो वो बचपन के दिन, जब बच्चा छोटा होता है तो वो चलने की कोशिश करता है। पहली बार चलता है तो गिरता है, आप भी गिरे होंगे। एक बार नहीं, कई बार, और कई बार तो बच्चों को चोट भी लग जाती है। किसी का दांत टूट जाता है, तो किसी के घुटने में चोट लग जाती है और कई बार तो सर से खून तक निकल आता है, पट्टी बांधनी पड़ती है। लेकिन वो बच्चा चलना नहीं छोड़ता। सर पे पट्टी बंधी है, चोट लगी है, दर्द भी हुआ है लेकिन माँ की नजर बचते ही वो फिर से चलने की कोशिश करता है। उसे गिरने का डर नहीं है और ना ही किसी चोट का डर है, उसको चलना सीखना है और वो तब तक नहीं मानता जब तक चल ना ले।
  • सोचो उस बच्चे में कितनी हिम्मत है, उसके मन में एक लक्ष्य है – “चलना सीखना”। और वो चलना सीख भी जाता है क्योंकि वो कभी गिरने से डरता ही नहीं है।
  • लेकिन जब यही बच्चा बड़ा हो जाता है, उसके अदंर समझ आ जाती है तो वो डरने लगता है। इंसान जब भी कोई नया काम करने की कोशिश करता है उसके मन में गिरने का डर होता है।

=> स्टूडेंट डरता है कि पहला इंटरव्यू है, नौकरी लगेगी या नहीं लगेगी….
=> बिजनेसमैन डरता है कि नया बिजनिस कर तो लिया लेकिन चलेगा या नहीं चलेगा….
=> क्रिकेटर सोचता है कि मेरा पहला मैच है रन बना पाउँगा या नहीं बना पाउँगा…

अरे नादान मानव, तुमसे ज्यादा साहसी तो वो बच्चा है जो हजार बार गिरकर भी गिरने से नहीं डरता। सर से खून भी आ जाये तो भी नन्हें कदम फिर से चलने की कोशिश करते हैं। और एक तुम तो हो, थोड़े समझदार क्या हुए, तुम तो नासमझ हो गए। दुनिया में कोई भी इंसान इतनी आसानी से सफल नहीं होता, ठोकरें खानी पड़ती हैं। अब ठोकरों से डरोगे तो कभी सफल नहीं हो पाओगे। राह में चाहे जितनी ठोकरें आयें आप अपने लक्ष्य को मत छोड़ो। ये ठोकरें तो आपकी परीक्षा लेती हैं, आपके कदम को मजबूत बनाती हैं ताकि जिंदगी में फिर कभी ठोकर ना खानी पड़े।

हर वक़्त खुला है एक दरवाजा

जीवन मुश्किलों और खुशियों से भरा एक सामजस्य पूर्ण प्लेटफार्म है जिसे आपको इसकी परिपूर्णता में बड़े अच्छे ढंग से जीना होता है वही जिन्दगी की परिभाषा है | सफलता के उस मुकाम से आप कभी दूर नहीं थे बस एक direction आपको चाहिए थी जो आपको आपकी निराशा भरी जिन्दगी से वापिस लौटने का सबसे करीबी दरवाजा थी |
जिन्दगी अपनी शुरुआत के साथ अनिश्चितता लिए होती है हम कभी भी कुछ निश्चित नहीं कह सकते हमारे साथ क्या घटना पेश आ सकती है और असल में जीने का यही तो मजा है क्योंकि नहीं तो नयापन क्या रह जायेगा जिन्दगी में |
 यही वजह है कि जब भी हम मुश्किल में होते है हमे लगता है अब तो शायद कुछ नहीं बदलेगा और जिन्दगी में उलझनों और समस्याओं की जगह हम अपनी सोच में अधिक उलझने पैदा कर लेती है जबकि जिन्दगी की परेशानियों से तो फिर भी पार पायी जा सकती है लेकिन हम अपने दिमाग में जो धारणाएं बनते है उनकी नकारात्मक Energy हमारी जीवन को प्रभावित करती है और वो भी बड़े बुरे स्तर पर |
ओशो ने एक बड़ी अच्छी बात कही है ” प्रकृति बाधा नहीं है क्योंकि प्रकृति तो एक संगीत है एक हारमनी जो निरंतर चलायमान होने का प्रतीक है जबकि मुश्किलें कई बार केवल इसलिए आती है कि वो हमारे अंदर सुप्त हमारी काबिलियत को जगा सके एक नयी दिशा दे सके ”

क्षमता :

इसी तरह जीवन मुश्किलों और खुशियों से भरा एक सामजस्य पूर्ण प्लेटफार्म है जिसे आपको इसकी परिपूर्णता में बड़े अच्छे ढंग से जीना होता है वही जिन्दगी की परिभाषा है  | सोचिये अगर मुश्किलें ही नहीं होंगी तो नयापन क्या रहेगा  | हम ऐसा क्या कर सकते है उस दशा में कोई क्रांति भरा जो हमे सफलता का मज़ा दे  | नहीं न  | तो जरुरी है कि आप उस दौर से गुजरे जिसमे आपको लगे कि ऐसा क्या है मुझ में जो मैं बेहतर कर सकता हूँ अपने लिए और उसके बाद आप पाएंगे कि सफलता के उस मुकाम से आप कभी दूर नहीं थे बस एक direction आपको चाहिए थी जो आपको आपकी निराशा भरी जिन्दगी से वापिस लौटने का सबसे करीबी दरवाजा थी  | 

आप कभी अपनी जरूरतों के दूसरे लेवल तक नहीं जाते जिनकी आपको अपने जीवन में वाकई जरुरत है और जिनसे आपकी खुशिया है आप लोगो के नजरिये से खुद को देखते है और असल में यही है जो परेशानी का कारण बनती है हो सकता है आप लोगो की नजर में सफल नहीं हो लेकिन जरा सोचिये क्या इस से वाकई कोई फर्क पड़ता है  | जवाब है नहीं लेकिन अगर आप सोचते है कि इस से पड़ता है तो मैं आपको एक बात साफ़ कर देना चाहता हूँ कि ऐसे में आप खुद की क्षमताओं को भी कम आंकते है  |

किसी भी परेशानी की स्थिति में जडवत बने रहने से अच्छा है आप जिस परेशानी में अभी है उसके बारे में सकारात्मक तरीके से विचार किया जाये नहीं तो आप एक काम कर सकते है एक पेन और पेपर लेकर बैठे और उन बातों पर विचार करें जो आपके पक्ष में मौजूद है और आप पाएंगे कि ऐसे कई छोटे छोटे रस्ते उपलब्ध है जो आपके लिए आपकी मंजिल के बड़े रस्ते तक जाते है बस जरुरत है एक फैसला भर लेने कि आप उन पर अमल करने के लिए कितने तेयार है क्योंकि कुछ भी नहीं करने से अच्छा है कुछ भी करें फिर चाहे जरुरी नहीं वो आपको एकदम से सफलता की और आपका कदम साबित हो ऐसे में आप अपनी गलतियों को सुधारने के लिए हर कदम पर तेयार हो सकते है क्योंकि आपकी छोटी छोटी गलतियाँ ही वो है जो आपको आपकी सफलता के रास्ते में आने वाली रुकावटों में बड़ी गलतियों की संभावनाओं को कम करती है इसलिए आपको अपने दिल और दिमाग से सकारात्मक सोच लिए धीरे धीरे आगे बढे तो आप पाएंगे जल्दी ही जिन्दगी के निराश पहलू से आप काफी आगे निकल चुके है  |

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