नहीं सुना होगा बंदर का ऐसा आतंक, खाली हो गया पूरा गांव


नहीं सुना होगा बंदर का ऐसा आतंक, खाली हो गया पूरा गांव

बंदरों से लोगों के परेशान होने की खबरें तो आपने अक्सर सुनी होंगी, लेकिन तमिलनाडु के नागप्पट्टिनम में एक बंदर ने ऐसा आतंक मचाया है कि लोग अपने घरों को छोड़कर पलायन करने को मजबूर हो गए। मामला नागप्पट्टिनम के थेन्नलाकुडी गांव का है, 

जहां एक बंदर ने ऐसा आतंक मचाया कि डर के मारे पूरा गांव ही खाली हो गया। शीरकाषि के पास स्थित इस गांव के लोग पास के एक मंदिर में जाकर रहने लगे। बंदर के डर से गांव के लोगों के पलायन की खबर मीडिया में आने के बाद वन विभाग ऐक्टिव हुआ और बंदर को दो दिन में पकड़ने का आश्वासन दिया है, जिसके बाद गांववाले वापस अपने घरों में लौटने लगे हैं। गांव के लोगों ने बताया कि एक हफ्ते पहले गांव में एक बंदर आ गया। वह गांव के जानवरों और कुत्तों को काटने लगा। कई गांव वालों को भी उसने अपना शिकार बनाया। वन विभाग से बार-बार शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। वन विभाग के अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। गांववालों ने कहा कि काफी प्रयास के बाद कुछ वन विभाग के लोग आए लेकिन वह बंदर को नहीं पकड़ पाए। इधर वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि वे लोग पांच दिन तक दिन-रात प्रयास करते रहे ताकि बंदर को पकड़ सकें लेकिन सफल नहीं हो पाए। बंदर को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया। जाल भी बिछाया गया लेकिन वह उसमें बंद नहीं हुआ। अधिकारियों ने कहा कि बंदर के उग्र होने का कारण उसका अकेले होना हो सकता है। सामान्यता बंदर झुंड में होते हैं लेकिन यह बंदर अकेला है। हो सकता है कि उसे कुछ अंदरूनी चोटें भी लगी हैं जिसकी वजह से भी वह उग्र हो। अधिकारी ने बताया कि बंदर को पकड़ने के लिए दस लोगों की टीम लगी है। अब उसे बेहोश करके पकड़ने की योजना बनाई गई है। पशु चिकित्साधिकारी बंदर को बेहोश करने के लिए नजर रखे हुए हैं। वहीं गांव में एक डॉक्टरों की टीम भी भेजी गई है जो बंदर के काटने से घायल हुए लोगों का इलाज कर रही है।






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