कार की देखभाल कैसे करें


कार की देखभाल कैसे करें

अपनी कार की देखरेख के लिए आपको ऑटो एक्सपर्ट होने की जरूरत नहीं है। बस कुछ बातों का ध्यान रखकर आप कार को पूरी तरह से परफेक्ट रख सकते हैं। हालांकि यह अलग बात है कि जब गाड़ी में कोई बड़ी समस्या आएगी तो उसका समाधान सिर्फ सर्विस सेंटर पर कोई मकैनिक ही कर पाएगा। 

कार की देखभाल कैसे करें

अपनी कार की देखरेख के लिए आपको ऑटो एक्सपर्ट होने की जरूरत नहीं है। बस कुछ बातों का ध्यान रखकर आप कार को पूरी तरह से परफेक्ट रख सकते हैं। हालांकि यह अलग बात है कि जब गाड़ी में कोई बड़ी समस्या आएगी तो उसका समाधान सिर्फ सर्विस सेंटर पर कोई मकैनिक ही कर पाएगा। लेकिन अगर कार की देखभाल में नियमित रूप से थोड़ा समय देंगे, तो ऐसे बहुत कम मौके आएंगे जब गाड़ी सही करवाने के लिए ढेरों रुपये खर्च करने पड़ें।

ऐसे करें ड्राइविंग

बार-बार रेस देने और तुरंत गति कम करने की वजह से कार के इंजन व ब्रेक पर दबाव पड़ता है, इसलिए इत्मीनान से कार चलाकर रख-रखाव के खर्चे कम करें। यह उस समय बेहद जरूरी है जब आप इंजन को स्टार्ट करते हैं। गाड़ी को तेजी के साथ रेस देने से अच्छा है, सामान्य स्थिति में गर्म होने दें।

धूप में न रखें कार

कार की सुरक्षा की जिम्मेदारी मकैनिक की नहीं आपकी है। अगर कार का इंटीरियर खराब होता है तो यह महंगा सौदा हो सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए कोशिश करें कि जितना हो सके गाड़ी को कहीं छाया में खड़ी करें। तेज धूप की वजह से इंटीरियर के प्लास्टिक का रंग फीका पड़ने लगता है। गाड़ी खरीदने के लिए लाखों का इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं, तो उसे छाया में खड़ी करने के लिए थोड़ा और भी खर्च कर सकते हैं, क्योंकि कार आपका दूसरा घर है।

ऑयल की करें जांच

इंजन की जिंदगी तेल पर टिकी होती है इसलिए गाड़ी के तेल का स्तर कायम रखने के लिए समय-समय पर उसकी जांच करते रहें। जरूरी नहीं है कि तेल की जांच सिर्फ सर्विस के दौरान ही हो। जब भी आप इंजन ऑयल का स्तर देखें, उस समय सुनिश्चित कर लें कि गाड़ी का इंजन बंद है। अगर आपको यह नहीं मालूम कि तेल के स्तर की जांच कैसे करनी है तो उसकी निर्देश पुस्तिका पढ़ें। तेल की जांच के लिए डिप स्टिक को बाहर निकालकर उसे अच्छी तरह से साफ कर लें और फिर उसे तेल में डालें, इससे आपको सही अंदाजा हो जाएगा। अगर तेल, नीचे की लाइन तक पहुंच रहा है तो ठीक है नहीं तो उसमें और मात्रा में ऑयल डालकर इसकी पूर्ति करें। इसके बाद तेल की गुणवत्ता की जांच करें। अगर डिप स्टिक पर लगा हुआ तेल साफ दिख रहा है तो समझ लें कि तेल ठीक है। अगर काला हो गया तो उसे बदलवाएं।

हवा की नियमित जांच करें

अगर कार के किसी पहिए में हवा कम है तो उसे चलाना खतरनाक है और इससे गाड़ी का माइलेज भी प्रभावित होगा। इसलिए पहियों की हवा जरूर जांच लें। किसी लंबी यात्रा से पहले या फिर सप्ताह में एक बार जरूर इसे चेक करवाएं। यह काम आप किसी भी सर्विस स्टेशन पर करवा सकते हैं। प्रेशर गेज ले लें, क्योंकि कई बार पंप के मीटर सही नहीं होते।

रेगुलर सर्विस करवाएं

कार की सर्विस नियमित अंतराल पर कराना बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे कार की परफॉर्मेस पर असर पड़ता है। इसलिए कार की सर्विस से कोई समझौता न करें। गाड़ी की सर्विस या तो सर्विस सेंटर से करवाएं या फिर किसी अनुभवी मकैनिक की मदद लें। नई जगह पर बिना सोचे-समझे गाड़ी न छोड़ें।

निर्देश पुस्तिका पढ़ें

अकसर लोग कार तो खरीदते हैं, लेकिन उसकी निर्देश पुस्तिका को पढ़ने में समय जाया नहीं करते। यह गलत आदत है। इसे बदलें और गाड़ी की निर्देश पुस्तिका को पढ़ने की आदत डालें, क्योंकि इसको पूरा पढ़कर आप कार के बारे में बेहतर ढंग से जान पाएंगे।

एसी का करें रख-रखाव

कार के कंप्रेसर, रेफ्रिजरेटर गैस, कंडेंसर, एक्सपेंशन वॉल्व और इवेपोरेटर जैसे जरूरी उपकरणों की प्रणाली चेक कर लें। बारिश के मौसम में जब एसी से हवा कम आए तो समझ लें कि नमी के कारण अंदर बर्फ जम गई है और इसे सही करने के लिए तुरंत एसी बंद कर दें, लेकिन उसके ब्लोवर को चलते रहने दें। इससे इस समस्या का समाधान हो जाएगा। अगर एसी की कूलिंग बंद हो जाए तो इसका मतलब है एसी की गैस खत्म हो गई और उसे भरवा लें।

गाड़ी की  battery maintenance tips के बारें में जरुरी  बाते

  • गाड़ी की बैटरी समय – समय पर check करवाते रहें | जब भी हफ्ते में आपको टाइम मिले किसी सूती कपड़े से battery को साफ़ करें | अगर dust ज्यादा जमी हो तो ब्रश से clean कर लें |
  • Battery की life 3 – 4 साल ही होती है | Battery को 3 या 4 साल हो गए है तो उसे change करवा लें | साथ ही बैटरी के टर्मिनल भी check करवाए | बैटरी के कनेक्शन को check करते रहें | Connection ढीला रहेगा तो रासायनिक पदार्थ battery से बाहर निकलने लगता है |
  • Battery में प्रयोग किये गए wire पर भी ध्यान दें | Wire पूरी तरह ढका होना चाहिए | अगर wire कही से कटा हो तो उसे tape से cover कर दें |
  • बैटरी को overcharge न करे क्योंकि इससे उसमें blast होने का खतरा हो सकता है |
  • सभी lead – acid batteries में पानी का प्रयोग किया जाता है | ध्यान देने वाली बात यह है कि केवल distilled water का ही इस्तेमाल करें |
  • रोशनी धुंधली होने एवं हॉर्न की आवाज धीमी पड़ने और साथ ही एक महीने से अधिक समय तक Battery का इस्तेमाक नहीं होने पर रिचार्जिंग  जरुरी है |
  • Battery की सतह और टर्मिनल को हमेशा साफ़ – सुधरा रखे | जंग से बचाने के लिए टर्मिनल पर पेट्रोलियम जेली लगाएं |
  • गाड़ी को ज्यादातर गैराज में ही पार्क करने की कोशिश करें | इससे आपकी गाड़ी की battery को सामान्य तापमान मिलेगा क्योंकि cold weather बैटरी के लिए अच्छा नहीं होता है |
  • अपने रेग्युलेटर – रेक्टिफायर (आर – आर) और बैटरी के खुले सर्किट के वोल्टेज की नियमित जाँच करवाते रहे | खराबी युक्त इलेक्ट्रिकल सिस्टम के कारण बैटरी को नुकसान पहुँच सकता है |

बैटरी से ब्रेक तक कार की देखभाल

ड्राइविंग का शौक रखते हैं और अपनी कार से प्यार है तो उसकी देखभाल में कोताही न बरतें। यहां हम आपको 10 ऐसी चीजों के बारे में बता रहे हैं, जिनका ध्यान रखकर आप सुरक्षित और चिंतामुक्त ड्राइविंग का आनंद ले सकते हैं...

Brakes

ब्रेक सिस्टम गाड़ी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। आजकल की हाई-स्पीड जिंदगी में ब्रेक में आई जरा सी गड़बड़ी जानलेवा हो सकती है। कार पार्ट्स की रेग्युलर पड़ताल के दौरान ब्रेक-पैड देख लेना चाहिए। इसे समय पर रिप्लेस करवाते रहें।

कब करवाएं रिप्लेस - लगभग हर दो साल में।

टायर Tires

सेफ ड्राइविंग के लिए एक तय वक्त पर टायर बदलवाते रहें। इसी के साथ ही टायर प्रेशर को भी जांचते रहें। प्रॉपर टायर प्रेशर आपको सुरक्षित ड्राइविंग के दायरे में रखता है। याद रखें कि यह प्रेशर मौसम और लंबी यात्रा के हिसाब से बदल सकता है।

कब करवाएं रिप्लेस - हर 5 साल अथवा टायर की हालत के अनुसार। 

कूलेंट Coolant

रेडिएटर में भरा लिक्विड एक तीर से दो निशाने वाला काम करता है। यह कूलिंग सिस्टम को चुस्त रखता है और साथ ही ऐंटीफ्रीज की भूमिका भी निभाता है। कार पार्ट्स की रिप्लेसमेंट के वक्त इनका भी ध्यान रखें। इसका लेवल नियमित तौर पर जांचते रहें। साथ ही इसकी साफ-सफाई का भी ध्यान रखें।

कब रिप्लेस करवाएं - लगभग हर दो साल में।

इंजन बेल्ट Engine belts & timing belts

इंजन बेल्ट के टूटने से पहले इसकी देखभाल के लिए वक्त देते रहें। एक बार बेल्ट टूटने पर मोटा खर्चा आ सकता है।

कब करवाएं रिप्लेस - तकरीबन 3 साल में।

स्पार्क प्लग Spark plugs

स्पार्क प्लग गाड़ी का छोटा लेकिन अहम हिस्सा होता है। इन्हें एक तय वक्त पर रिप्लेस करवाना जरूरी हो जाता है। अपनी माइलेज लिमिट क्रॉस करने के बाद अगर आप इन्हें नहीं बदलवाते तो आपकी गाड़ी इमिशन टेस्ट में फेल हो सकती है।

कब करवाएं रिप्लेस - तकरीबन 70 हजार किमी के आस-पास जांच करवाकर रिप्लेस करवा सकते हैं।

ट्रांस फ्लूड एवं फिल्टर

फ्लूड की जांच तय वक्त के भीतर करते रहें। बाद में इसे फिल्टर के साथ चेंज करवा लें।

कब करें रिप्लेस - हर दो साल में।

एयर फिल्टर Air filter

मुंह पर हाथ रखकर दौड़ लगाना शुरू करें। आपको पता चलेगा कि आपकी गाड़ी के इंजन को एयर की कितनी जरूरत होती है। इसकी देखभाल नियमति तौर पर करते रहें।

कब करें रिप्लेस - 12 महीने बाद कभी भी।

बैटरी Battery

अगर आप टर्मिनल्स को साफ-सुथरा रखते हैं और चार्जिंग सिस्टम ठीक काम कर रहा है, तब भी बैटरी को तय वक्त के बाद रिप्लेस करवाते चलें।

कब करवाएं रिप्लेस - 48 से 60 महीने के भीतर।

पावर स्टीरिंग Power-steering fluid

अगर गाड़ी में पावर स्टीरिंग है, तो पावर स्टीरिंग फ्लूड आपकी गाड़ी का अहम हिस्सा है। अपने विश्वसनीय सर्विस सेंटर पर जाकर इसके रखरखाव के बारे में पड़ताल करते रहें।

कब रिप्लेस करवाएं - इंजन ऑयल चेंज करवाते वक्त चेक करवाते रहें।

फिल्टर Fuel filter

यह भी कार के अहम हिस्सों में से एक है। इसे भी मकैनिक से दिखवाते रहें।

कब रिप्लेस करवाएं - हर दो साल में।

सर्दियों में कार की देखभाल करने के लिए युक्तियाँ

देश के कुछ हिस्सों को छोड़कर, भारत में आमतौर पर गर्म मौसम रहता है। हालांकि, सर्दियों (दिसंबर-फरवरी) के दौरान कुछ हिस्सों में बर्फबारी होती है और कुछ स्थानों पर हल्की ठंड होती है। कारों को भी सर्दियों में देखभाल की ज़रूरत होती है। सर्दी में कार के लिए कुछ सुझाव इस प्रकार हैं –

निष्क्रिय इंजन
ठंड के दौरान, इंजन को एक मिनट के लिए निष्क्रिय रखने की सलाह दी जाती है। इंजन का परिक्रमण न करें, क्योंकि इंजन का तेल, चलती भागों तक पहुंचने में कुछ समय लगाता है। इंजन को अनावश्यक रूप से शुरु करने से वियर रेट और ईंधन का नुकसान भी बढ़ता है।

रंग संरक्षण
प्रदूषण के बढ़ते स्तर केवल मानव स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं कर रहे है, बल्कि आपके वाहन पर पेंट को भी नुकसान पहुंचाता है। रिपोर्टों से पता चला है कि सुबह ओस और कोहरे के रुप में सल्फ्यूरिक और नाइट्रिक एसिड होते हैं, जो की कार के पेंटवर्क को धीरे-धीरे खा जाते हैं। रंग की क्षति को रोकने के लिए, नियमित रूप से धुलाई / सफाई और अच्छा वैक्सिंग करनी चाहिए।

टायर की जांच
यह सुझाव विशेष रूप से उन लोगों के लिए है, जो की इस समय बर्फीली क्षेत्र के आसपास या वहां जाने की योजना बनाते हैं। जब भी आप उप-शून्य तापमान में घूमने का फैसला करते हैं, तो विंटर टायर आवश्यक हैं। रेगुलर टायर की तुलना में, विंटर टायर कम तापमान पर लचीला रहने में अधिक सक्षम होते हैं।
इसका मतलब यह है कि जब आप ठंडे फुटपाथ पर रोकने और मोड़ने की कोशिश करते हैं, तब वे बेहतर कर्षण प्रदान कर सकते हैं, भले ही जमीन पर कोई बर्फ न हो। इन टायर के दबाव को बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हवा के तापमान में हर 10 डिग्री की गिरावट के साथ 454 ग्राम (एक पाउंड) प्रति वर्ग इंच कम हो जाता है।

दरवाजे को चिकना रखना
ठंड के मौसम के कारण भी कार के दरवाजे जाम हो सकते है और चरमराता ध्वनि उत्पन्न कर सकते है। वेसिलीन जैसे नमी प्रदायक क्रीम का उपयोग करने से गैसकेट को चिकना करने में मदद मिलेगी, जिससे रबड़ सिल और दरवाजों के बीच बर्फ गठन नहीं होगा।
दरवाजे के जॉइंट्स पर कुछ अच्छी गुणवत्ता वाले लुब्रिकैंट भी लगा सकते है, क्योंकि इससे कार के दरवाजे खोलते या बंद करने के दौरान आने वाली चरमराती आवाज खत्म या कम हो जाती है।

अन्य सुझाव
उन इंजन के तेल को चुने, जिन्हें विशेष रूप से कम तापमान संचालन के लिए तैयार किया जाता है। रेगुलर इंजन तेल थिक हो जाते है और इन्हें बेहतर ढंग से प्रदर्शन करने के लिए कुछ समय लगता है। यात्रा के दौरान सुरक्षित और गर्म रहने के लिए वाहन की विंडो डिफ्रॉस्टर और जलवायु नियंत्रण प्रणाली की जांच करना उचित है।

गाड़ी की बैटरी साथ न दें
आप ने कभी सोचा है कि सफर के दौरान आपकी गाड़ी की बैटरी साथ न दें तो क्या होगा ? स्थिति और भी भयावह हो जाती है जब समय रात का हो और आपकी family भी आपके साथ हो | किसी भी गाड़ी की battery उसकी जीवनदायनी होती है | इसके प्रति जरा सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है |

आज के समय में गाड़ी का मालिक बनना मुश्किल नहीं है बल्कि car की battery maintenance tips को follow करना मुश्किल है | वैसे तो गाड़ी के भीतर बहुत से ऐसे parts होते है जिनकी देखभाल करना आपके हाथ में नहीं है | लेकिन गाड़ियों में बैटरी (battery) वह हिस्सा होती है जिसकी देखभाल आप कर सकते है | Car battery care सही से न करने से battery जल्दी खराब हो जाती है या फिर कम समय में ही वह डिस्चार्ज होने लगती है | 

उप-शून्य तापमान में, स्टार्टर मोटर को सक्रिय करने से पहले, 5-10 सेकंड के लिए इग्निशन को छोड़ने की सलाह दी जाती है। इस प्रक्रिया से ईंधन के पंपों को कार की बिजली व्यवस्था पर दबाव बनाने का समय मिलता है।

कैसे हटाऐं कार पर लगे स्‍क्रैच

हम सभी को अपनी कार बहुत प्‍यारी होती है, चाहे वो बड़ी हो या छोटी, महंगी हो या सस्‍ती। लेकिन कभी कभी आपकी कार पर किसी तरह से कोई स्‍क्रैच या दाग धब्‍बा लग जाता है तो आपकी भौहें तन जाती है। आज के समय में सड़कों पर इंसान से ज्‍यादा वाहन दिखते है। इस भारी भीड़ में बड़े ही सहूलियत के साथ सभी अपने वाहनों को चलाते है, लेकिन कभी-कभी किसी वजह से आपकी कार पर कोई स्‍क्रैच आदी लग ही जाता है। कार पर लगने वाला स्‍क्रैच जितनी जल्‍दी हो सकता है उसे उतनी ही जल्‍दी हटाने की कोशिश्‍ा करनी चाहिए। क्‍योंकि जितनी देर होती है मुश्किल उतनी ही बढ़ती जाती है। आज के समय में बाजारों में स्‍क्रैच हटाने के बहुत से साधन उपलब्‍ध है जिनका आप आसानी से इस्‍तेमाल कर अपनी कार पर लगे स्‍क्रैच आदी को दूर कर सकते है। हम आपको यहां कुछ उपाय बताने जा रहें जिनका इस्‍तेमाल कर आप अपनी कार पर लगी स्‍क्रैच को दूर कर सकते है। 

  • सबसे पहले आप स्‍क्रैच वाली जगह को आसानी से धूले ध्‍यान रहें धूलते समय जिस भी कपड़े का इस्‍तेमाल करें वो रूखा नहीं होना चाहिए। 
  • स्‍क्रैच वाली जगह को धूलने के बाद उसे कुछ देर तक सुखने दें फिर बेहतर क्‍वालिटी की कार वॉश का इस्‍तेमाल करें।
  • इसके बाद कार के स्‍क्रैच पर शू पॉलिश लगाऐ ध्‍यान रहें जिस रंग की कार हो उसके विरोधी रंग का पॉलिश प्रयोग करें जैसे सफेद कार पर काला रंग। पॉलिश के प्रयोग से आपको स्‍क्रैच आसानी से दिखने लगेंगे। 
  • इसके बाद सैंड पेपर से स्‍क्रैच के आस-पास रगड़े जिससे स्‍क्रैच की जगह थोड़ी मुलायम हो जाये, और फिर ब्रश से स्‍क्रैच को साफ कर लें। 
  • अब आप बॉडी कम्‍पाउंड से स्‍क्रैच की जगहों को भर दें। फिर स्‍क्रैच की जगह पर प्राइमर का इस्‍तेमाल करें। 
  • प्राइमर के सुखने के बाद आपकी कार जिस रंग की है उस रंग के पेंट को स्‍क्रैच पर लगाऐं ध्‍यान रहें कि रंग में कोई अंतर न हो। 
  • पेंट के सुखने के बाद शाइनिंग पॉलिश का प्रयोग करें और अब आपकी कार पर स्‍क्रैच नहीं दिखेंगे।

भयानक गर्मी में कैसे रखें अपनी कार का ख्‍याल

हमारी खुद की कार पर भी गर्मी का बुरा प्रभाव पड़ता है, और इन्‍हें भी गर्मी से बचाने की उतनी ही जरूरत होती है जितनी की हमें खुद को। आज हम आपको ये बतायेंगे कि आप गर्मी में अपनी कार को कैसे बेहतर रख सकते हैं ?

तो गर्मी में ऐसे रहेगी आपकी कार "कूल" 

  1. कूलैंट कूलैंट सिस्‍टम कार का सबसे अभिन्‍न अंग होता है। लांग ड्राइव या फिर भयानक गर्मी के समय इसका स्‍तर काफी उंचा हो जाता है जिससे कि आपकी कार गर्म हो जाती है। यदि आपकी कार का कूलैंट सिस्‍टम ठीक प्रकार से कार्य नहीं करेगा तो आपकी कार ओवर हीट हो जायेगी और इससे इंजन के सीज होने का भी खतरा बना रहता है। तो गर्मी के समय जब आपकी कार गर्म हो रही हो तो आप अपनी कार के रेडिएटर कैप को खोल दें, ध्‍यान दें कि इस समय कार का इंजन ओवर हीट न हो नहीं तो आप जल सकते हैं।
  2.  एअर कंडिशनर एअर कंडिशनर गर्मी के मौसम में प्रयोग किया जाने वाला सबसे बेहतर उपकरण होता है। ये आपकी कार को आपके अनुसार ठंडा बनाये रखता है। लेकिन समयानुसार इसकी जांच और सर्विसिंग कराते रहें ताकी आपको गर्मी से निजात मिल सके। क्‍योंकि एसी खुद बहुत ज्‍यादा गर्मी को रीलिज करता है।
  3. ब्रेक ब्रेक किसी भी वाहन का सबसे महत्‍वपूर्ण पार्ट में से एक होता है, और इसकी महत्‍वता और भी बढ़ जाती है जब आप लांग ड्राइव पे होते हैं। जी हां, गर्मी में ब्रेक के ग्रीफ हीट होकर जल्‍दी से घिस जाते हैं। जिसके कारण जब आप ब्रेक अप्‍लाई करते हैं तो आपकी कार रूकने के लिये ज्‍यादा समय लेती है। आपको गर्मी के शुरूआत में ही अपने ब्रेक पैड की जांच कर लेनी चाहिये।
  4. कार की पार्किंग गर्मी के मौसम में कार की पार्किंग को विशेष ध्‍यान में रखकर करना चाहिये। प्रयास करना चाहिये आप अपनी कार किसी गैराज, पार्किंग लॉट या फिर शेड के नीचे करें। यदि आपको ऐसी कोई जगह नहीं मिलती है तो आप अपनी कार को किसी पेड़ के छाये में भी खड़ी कर सकते हैं। देर तक धूप में खड़ी रहने के बाद तत्‍काल कार के एसी को ऑन न करें कुछ देर तक विंडो को नीचे करके चलायें फिर कार के एसी को ऑन करें।
  5. इंजन ऑयल ऑयल यानी की मोबिल, आपकी कार के इंजन की जान होती है। जी हां, जितना बेहतर आपका मोबिल होगा उतनी ही बेहतर आपके कार की लाईफ होगी। समय-समय पर कार के इंजन ऑयल को चेक करें और उसे बदलते रहें। सिंथेटिक ऑयल आपके कार के लिये बेहतर होगा।
  6. टॉयर गर्मी के मौसम में कार के पहियों को विशेष ध्‍यान रखना बेहद ही जरूरी होता है। क्‍योंकि भीषण गर्मी के चलते आपके पहियों की हवा निकलना एक सामान्‍य प्रक्रिया है। इसलिये समय-समय पर कार के पहियों के प्रेशर की जांज जरूर करायें।
  7. वाइपर कार के वाइपर की देख-रेख गर्मी के मौसम में, ये पढ़कर आपको थोड़ा अजीब लग रहा होगा। लेकिन ये सच है कि, इनकी देखभाल भी बेहद ही जरूरी होती है। क्‍योंकि भयानक गर्मी के कारण वाइपर के रबर हीट होकर टूट जाते हैं। गर्मी में वाइपर का प्रयोग भी कम होता है इसलिये एक ही अवस्‍था में पड़े रहने के कारण ये हालत होती है। इसलिये समय-समय पर वाइपर का प्रयोग करते रहें और उनका ध्‍यान रखें।

मानसून में इन तरीकों से करें कार की देखभाल, कभी नहीं होगी मुसीबत

बारिश के दौरान तेज बारिश, कीचड़, जगह-जगह भरे पानी से कार को बचाना एक बेहद मुश्किल काम होता है लेकिन अगर आप कुछ मामूली टिप्स को अपनाएंगे तो पूरे मानसून आपको अपनी कार के लिए फिक्रमंद नहीं होना पड़ेगा।

भूलकर भी न करें कवर का इस्तेमाल

कई बार देखा जाता है कि लोग अपनी कार को बाहरी धूल-मिट्टी से बचाने के लिए कार को कवर करके रखते हैं, लेकिन बारिश के मौसम में कार के कवर का इस्तमाल न करें। दरअसल कार को कवर करके रखने पर भले ही ये बारिश से पच जाती है लेकिन म्वाइश्चर की वजह से अंदर गीला पन इक्ट्ठा हो जाता है और धूप निकलने पर जब आप इसे हटाते हैं तो पानी के धब्बे कार की बॉडी पर निशान छोड़ जाते हैं।

कार के पेंट को बचाएं
बारिश में सबसे ज्यादा डर कार के पेंट के खराब होने का होता है।इसके लिए आप पेंट प्रोटेक्शन फिल्म का इस्तेमाल कर सकते हैं।अगर ये ऑप्शन आपको महंगा लगता है तो आप सेरेमिक पेंट भी इस्तमाल कर सकते हैं नहीं तो कार पर वैक्स लगाएं इससे कार की चमक बनी रहेगी।

बोनट को रखें साफ
बारिश के दौरान कार के बोनट को नियमित तौर पर साफ करते रहना चाहिए, क्योंकि अगर बोनट में पानी जमा होने से अंदर के पार्ट को जंग लगेगा ही साथ ही इससे इंजन पर भी असर पड़ सकता है। बोनट में पानी जमा होने पर कार में लीकेज भी हो सकती है।

टायरों को चेक करें
बारिश के मौसम में सबसे ज्यादा जरूरी चीज होती है कार के टायर्स। अगर कार के टायर जरा सी भी दिक्कत दे रहे हैं तो फौसन बदल दें और दूसरा काम है प्रेशर चेक करना टायरों के प्रेशर को चेक करें ताकि आप आराम से बेफिक्र होकर कहीं भी जा सकें।

AC की सर्विसिंग कराना न भूलें
AC कार के अंदर से म्वाइश्चर सुखाने का काम करता है इसलिए बारिश के मौसम में ध्यान से ac की सर्विसिंग कराएं ताकि ये बेहतर तरीके से काम करे। जरूरत पड़ने पर आप कार का एसी चलाकर छोड़ सकते हैं जिससे सीलन भरी महक कार से नहीं आएगी ।

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