2019 में स्मार्टफोन बनाने वाली इन कंपनियों का रहेगा बोलबाला!


2019 में स्मार्टफोन बनाने वाली इन कंपनियों का रहेगा बोलबाला!

एनालिस्ट फर्म TechArc ने कहा है कि 2019 में सस्ते फोन ऑफर करने वाली कंपनियों को पछाड़ते हुए
Xiaomi, Realme और OnePlus सबसे ज्यादा मार्केट शेयर अर्जित करेंगे. 2018 में स्मार्टफोन बनाने  वाली इन कंपनियों की भारतीय बाजार में 60 प्रतिशत की हिस्सेदारी हो गई है.


काउंटरप्वाइंट की ओर से की गई रिसर्च के डेटा के अनुसार एक दशक में ऐसा पहली बार हुआ है कि भारतीय ब्रांड्स के शेयर 10 प्रतिशत से भी नीचे हो गए हैं. वहीं 2014 में यह शेयर 45 पर्सेंट से भी ज्यादा था. 2018 में 5 में से तीन स्मार्टफोन चीनी की कंपनी के थे और सिर्फ 9 प्रतिशत स्मार्टफोन भारत की कंपनियों के बिके.
अगर बात की जाए 2010 की तो भारतीय ब्रांड्स जैसे माइक्रोमैक्स, इंटेक्स, लावा और कार्बन ने उस दौर में बिक्री के मामले में सबसे ज्यादा तेज़ी पकड़ी और मार्केट को भी कैप्चर किया. वहीं चीन की स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों ने 2015 में बाजार को कैप्चर करना शुरू किया और आज सभी लोकल ब्रांड्स को पीछे छोड़ते हुए पूरे मार्केट को कैप्चर कर रहे हैं. इसमें सिर्फ एक ब्रांड है जिसने मार्केट में हिस्सेदारी रखी है वो है नोकिया. 2010 में भारतीय मोबाइल फोन मार्केट में नोकिया एक ऐसा ब्रांड था जिसकी 70 पर्सेंट की हिस्सेदारी थी.


2018 में हुवावे, ओप्पो और ट्रांसन होल्डिंग्स के ब्रांड ऑनर, रियलमी, इनफिनिक्स और टेक्नो ने भी हिस्सेदारी को बढ़ाने का काम किया. जहां 2018 में टेक्नो 221 प्रतिशत के ग्रोथ के साथ सबसे तेजी से बढ़ने वाला ब्रांड रहा, वहीं ऑनर और इनफिनिक्स ने क्रमशः 183 प्रतिशत और 146 की बढ़त बनाई.
साल 2018 के टॉप ब्रांड्स की बात करें तो इसमें रियल मी के साथ हुवावे छठे स्थान पर रही. वहीं टॉप की पांच कंपनियों में चीन की तीन कंपनियां शियोमी पहले, विवो तीसरे और ओप्पो चौथे स्थान पर रही. इसके बाद सैमसंग दूसरे स्थान पर रहा और माइक्रोमैक्स 5 पर्सेंट मार्केट शेयर के साथ पांचवा स्थान हासिल करने में कामयाब रहा.

TechArc के अनुसार 2019 में शियोमी, रियलमी और वनप्लस के शेयर्स में बढ़ोतरी होगी वहीं वीवो, ओप्पो और हुवावे अपने स्थान पर बने रहेंगे. वहीं अगर भारतीय कंपनियों की बात करें तो हैंडसेट स्पेस में रिलायंस Jio का उदय उनके लिए राहत की बात है. रिलायंस अपने आपको ऐसा पहला भारतीय ब्रांड बनाने में सफल रहा जिसने 2018 में नया सेगमेंट क्रिएट कर टॉप पर बना रहा. फीचर फोन एक ऐसा सेगमेंट है जो लोकल ब्रांड्स को उम्मीद देती है जैसे लावा जिसने पिछले साल 7 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ पांचवा स्थान हासिल करने में सफल रही. अगर सबकी बात करें तो फीचर फोन के मार्केट में लोकल ब्रांड का 55 प्रतिशत का शेयर रहा. Jio के बढ़ने से फीचर फोन सेगमेंट में सालों बाद स्मार्टफोन (10 प्रतिशत) की तुलना में तेज गति (11 प्रतिशत) से वृद्धि हुई.




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