सिडनी में नल खुला छोड़ने पर होगा 38 हजार रुपए तक का जुर्माना, शनिवार से लागू होंगे प्रतिबंध


सिडनी में नल खुला छोड़ने पर होगा 38 हजार रुपए तक का जुर्माना, शनिवार से लागू होंगे प्रतिबंध

केनबरा। पानी की कमी से भारत ही नहीं, पूरी दुनिया हलकान हो रही है। इसे देखते हुए कुछ देशों ने एहतियान कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में पानी की बर्बादी को अपराध बना दिया गया है। अगर किसी व्यक्ति ने पानी बर्बाद किया तो उस पर 220 डॉलर (15,374 रुपए) और संस्थान पर करीब 550 डॉलर (38,435 रुपए) का जुर्माना लगाया जाएगा। प्रतिबंध शनिवार से लागू होंगे।

जल मंत्री मेलिंडा पावे ने मंगलवार को घोषणा की है कि शनिवार से पानी के बेजा इस्तेमाल पर पाबंदी रहेगी। एक दशक में पहली बार ग्रेटर सिडनी में इस तरह का प्रतिबंध लगाया जा रहा है। ऐसे प्रतिबंध तब अनिवार्य हो जाते हैं, जब बांध का जल स्तर 50 फीसद तक गिर जाता है, लेकिन राज्य सरकार ने उन्हें इससे पहले ही शुरू कर दिया है। ग्रेटर सिडनी में बांध का जल स्तर मंगलवार को 53.5 फीसद था।
मेलिंडा ने कहा कि बारिश की कमी के साथ ही साल 1940 के बाद से सिडनी के पानी के भंडारण में सबसे कम है। लिहाजा, सरकार ने फैसला किया है कि पानी पर प्रतिबंध लगाना ही सबसे बेहतर है। प्रतिबंधों के तहत होज में ट्रिगर नोजल होना चाहिए या तत्काल ऑन-ऑफ मैकेनिज्म होना चाहिए, ताकि पानी भरते ही वह बंद हो जाए। इसके साथ ही लॉन और बगीचों में सुबह 10 बजे से पहले और शाम 4 बजे के बाद पानी नहीं डाला जा सकेगा।
नए नियमों के तहत वाहनों, नावों और इमारतों की धुलाई पर प्रतिबंध होगा। हालांकि, जुर्माना लगाने से पहले तीन महीने की छूट अवधि होगी। बताते चलें कि दिसंबर से फरवरी के दौरान पड़ी भीषण गर्मी की वजह से नदियों का जलस्तर खतरनाक ढंग से नीचे आ गया है। सिडनी में हालात बदतर हैं। जल स्रोत 1940 के बाद से न्यूनतम स्तर पर पहुंच गए हैं।




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