शेयर 33% टूटकर 5.60 रु का हुआ, 1600 करोड़ रह गया R-Com मार्केट कैप और


शेयर 33% टूटकर 5.60 रु का हुआ, 1600 करोड़ रह गया R-Com मार्केट कैप और


गिरावट जारी

Anil Ambani RCom Stock: अनिल अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस कम्युनिकेशंस (R-Com) के शेयरों में मंगलवार को भी गिरावट जारी है. सोमवार को कारोबार के दौरान 54 फीसदी तक टूटने के बाद मंगलवार को भी शेयर में 33 फीसदी गिरावट आई है. बीएसई पर शेयर 5.67 रुपये और एनएसई पर 5.60 रुपये के भाव पर आ गया. शेयर शुक्रवार को 11.60 रुपये के भाव पर बंद हुआ था. वहीं, सोमवार को शेयर 7.55 के भाव पर बंद हुआ.
शेयर के 5.76 रुपये के भाव पर आते ही कंपनी का मार्केट कैप भी घटकर 1600 करोड़ रुपये रह गया.



क्यों आ रही है शेयर में गिरावट


असल में कर्ज चुकाने में विफल रही आर कॉम डेट रिजॉल्यूशन के लिए एनसीएलटी का रुख करने जा रही है. कंपनी ने दिवालिया याचिका दायर करने का फैसला किया है. कंपनी पर करीब 45 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है. इसी के बाद सोमवार को अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप यानी ADAG कंपनियों को लेकर निवेशकों का सेंटीमेंट बिगड़ गया है.

11 साल में 1.64 लाख करोड़ घटा मार्केट कैप


ऑर-कॉम में गिरावट का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि पिछले 10 साल में कंपनी का मार्केट कैप 97 फीसदी से ज्यादा घट गया है. जनवरी 2008 में ऑर-कॉम का मार्केट कैप 1.66 लाख करोड़ रुपए के करीब था, जो 4 फरवरी 2019 को घटकर एक समय तो 1668 करोड़ रुपए पर आ गया. इस दौरान कंपनी का मार्केट कैप 1.64 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा घट गया. 11 जनवरी 2008 को एक शेयर का भाव 792 रुपए था, जो घटकर 4 फरवरी 2019 को 6 रुपए के स्तर पर आ गया.

क्या कहा कंपनी ने


इनसॉल्वेंसी और बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत कंपनी के बोर्ड द्वारा दिवालिया होने की अपील की गई है. इसके लिए वह एनसीएलटी के जरिए फास्ट ट्रैक रिजॉल्यूशन के लिए गुहार लगाएगी. आरकॉम ने शुक्रवार को कहा कि वह एनसीएलटी के प्रावधानों के जरिए जल्द अपने इस स्थिति का समाधान ढूंढेगी. कंपनी का कहना है कि कर्जदाताओं को एसेट मोनेटाइजेशन प्लान से कोई धनराशि नहीं मिली है और इसकी पूरी कर्ज समाधान प्रक्रिया में कोई प्रगति नहीं हुई.

जियो के साथ नहीं बनी बात


आरकॉम की मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह की कंपनी रिलायंस जियो को स्पेक्ट्रम बेचने की योजना से बात नहीं बनी है. वहीं स्वीडन की दूरसंचार कंपनी एरिक्सन आरकॉम को दिवालिया घोषित करने के लिए एनसीएलटी के समक्ष याचिका दायर कर चुकी है. आरकॉम ने कहा कि पिछले 12 महीनों में 45 से कर्जदाताओं के साथ सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर हुई बैठकों में सहमति नहीं बनने की वजह से यह फैसला करना पड़ा है.





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