एशिया कप 2018 - यूएई


एशिया कप 2018 - यूएई

एशिया कप के सुपर फोर में भारत और पाकिस्तान के बीच मैच में भारत ने शिखर धवन व रोहित शर्मा की शतकीय पारी के दम पर पाकिस्तान को 9 विकेट से हरा दिया। धोनी ने कहा कि टीम इंडिया के लिए बतौर कप्तान 200वां वनडे मैच खेलना बेहद ही शानदार है लेकिन इन रिकॉर्ड्स से फर्क नहीं पड़ता.धोनी ने कहा, 'मैं नहीं जानता था कि मैं कहां खड़ा हूं.  

एशिया कप 2018 - यूएई 

एशिया कप 2018 का आगाज हो गया है। 15 सितंबर से यूएई में शुरू हो चुके इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम अपने नियमित कप्तान विराट कोहली के बगैर उतरी है। उनकी अनुपस्थिति में रोहित शर्मा टीम इंडिया की कमान संभाल रहे हैं। बतौर कप्तान रोहित के क्रिकेट करियर की सबसे बड़ी परीक्षा 19 सितंबर को होगी जब भारतीय क्रिकेट टीम की चिरप्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से भिड़ंत होगी। ऐसे में विराट की कप्तानी में चैंपियंस ट्रॉफी में मिली हार का बदला चुकाने का रोहित के पास एक अच्छा मौका है।
 
डिफेंडिंग चैंपियन भारत एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट में अपने अभियान की शुरुआत 18 सितंबर को हांगकांग के खिलाफ करेगी। इसके बाद अगले ही दिन उसकी पाकिस्तान से भिड़ंत होगी। भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और अफगानिस्तान का टूर्नामेंट में खेलना तय है। जबकि मलेशिया में खेले गए क्वालीफायर मुकाबले में हांगकांग ने यूएई को 2 विकेट से मात देकर एशिया कप में अपनी जगह पक्की की। 

एशिया कप कार्यक्रम

गुप ए में भारत, पाकिस्तान और हांगकांग जबकि ग्रुप बी में श्रीलंका, बांग्लादेश और अफगानिस्तान को जगह मिली है। टूर्नामेंट का पहला मैच दुबई मं 15 सितंबर को श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच खेला जाएगा। खिताबी मुकाबला 28 सितंबर को होगा। प्रत्येक ग्रुप से शीर्ष दो टीमें सुपर चार के लिए क्वालीफाई करेंगी जिसके बाद दो टीमों के बीच फाइनल होगा। 
एशिया कप कार्यक्रम इस प्रकार है 
  • ग्रुप चरण (सभी मैच भारतीय समय के मुताबिक शाम 5 बजे खेले जाएंगे)
  • 15 सितंबर : बांग्लादेश बनाम श्रीलंका (दुबई)
  • 16 सितंबर : पाकिस्तान बनाम हांगकांग(दुबई)
  • 17 सितंबर : श्रीलंका बनाम अफगानिस्तान (अबु धाबी)
  • 18 सितंबर : भारत बनाम हांगकांग (दुबई)
  • 19 सितंबर : भारत बनाम पाकिस्तान (दुबई)
  • 20 सितंबर : बांग्लादेश बनाम अफगानिस्तान (अबु धाबी)
  • 21 सितंबर : ग्रुप ए विजेता बनाम ग्रुप बी उप विजेता (दुबई), ग्रुप बी विजेता बनाम ग्रुप ए उप विजेता अबु धाबी)
  • 23 सितंबर : ग्रुप ए विजेता बनाम ग्रुप ए उप विजेता (दुबई), ग्रुप बी विजेता बनाम ग्रुप बी उप विजेता (अबु धाबी)
  • 25 सितंबर : ग्रुप ए विजेता बनाम ग्रुप बी विजेता (दुबई)
  • 26 सितंबर : ग्रुप ए उप विजेता बनाम ग्रुप बी उप विजेता (अबु धाबी)
  • 28 सितंबर : फाइनल (दुबई)

रोहित व धवन के शतक के दम पर भारत ने पाकिस्तान को 9 विकेट से हराया

एशिया कप के सुपर फोर में भारत और पाकिस्तान के बीच मैच खेला गया। इस मैच में भारत ने शिखर धवन व रोहित शर्मा की शतकीय पारी के दम पर पाकिस्तान को 9 विकेट से हरा दिया। इस मुकाबले में पाकिस्तान के कप्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान ने शोएब मलिक की अर्धशतकीय पारी के दम पर निर्धारित 50 ओवर में 7 विकेट पर 237 रन बनाए।

भारत को ये मैच जीतने के लिए 238 रन बनाने थे जिसे टीम इंडिया ने 9 विकेट शेष रहते ही बना लिया। भारतीय टीम ने 39.3 ओवर में एक विकेट पर 238 रन बनाए। यह विकेटों के लिहाज से वनडे क्रिकेट में भारत की पाकिस्तान के खिलाफ सबसे बड़ी जीत है। इस जीत के साथ भारत ने फाइनल में अपनी जगह लगभग पक्की कर ली। इस मैच में शिखर धवन को मैन ऑफ द मैच चुना गया। 

धवन और रोहित ने लगाए शतक

पाकिस्तान के खिलाफ इस मैच में भारत को पहला विकेट शिखर धवन के तौर पर गिरा। धवन ने 100 गेंदों का सामना करते हुए 114 रन बनाए। वो रन आउट हो गए। पहले विकेट के लिए धवन और रोहित के बीच 210 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी हुई। कप्तान रोहित शर्मा ने 119 गेंदों पर 111 रन की नाबाद पारी खेली। अंबाती रायडू भी 12 रन बनाकर नाबाद रहे। 
शोएब मलिक ने खेली अर्धशतकीय पारी
लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने पाकिस्तान को पहला झटका दिया, उन्होंने शानदार फॉर्म में चल रहे इमाम उल हक को LBW आउट किया। इसके बाद कुलदीप यादव ने फखर जमां को एलबीडबल्यू आउट कर दूसरा झटका दिया। पाकिस्तान की बल्लेबाजी की रीढ़ की हड्डी कहे जाने वाले बाबर आजम रन आउट हुए, हालांकि इसमे गलती पाक कप्तान सरफराज की थी। पाकिस्तान के कप्तान सरफराज अहमद को कुलदीप यादव ने 44 रन पर रोहित शर्मा के हाथों कैच करवा दिया। सरफराज ने शोएब मलिक के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 107 रन की साझेदारी की। इसके बाद जसप्रीत बुमराह ने शोएब मलिक को धौनी के हाथों कैच आउट करवा पाकिस्तान टीम को 5वां झटका दिया। शोएब मलिक ने 90 गेंदों पर 78 रन की पारी खेली। 

युजवेंद्र चहल ने टीम इंडिया को छठी सफलता दिलाई, उन्होंने खतरनाक दिख रहे आसिफ को क्लीन बोल्ड कर पाकिस्तान को बड़ा झटका दिया। शादाब खान को तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने 10 रन पर क्लीन बोल्ड कर दिया। मो. नवाज 15 और हसन अली 2 रन बनाकर नाबाद रहे। भारत की तरफ से पाकिस्तान के खिलाफ जसप्रीत बुमराह, युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव ने दो-दो विकेट लिए। 

पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे मैच में शिखर धवन और रोहित शर्मा ही भारी पड़ गए. दोनों बल्लेबाजों ने शानदार शतक लगाया और भारत को 9 विकेट से बड़ी जीत दिलाई. शिखर धवन इस सीरीज में इससे पहले भी हॉंगकॉंग के खिलाफ शतक ठोक चुके हैं. पाकिस्तान के खिलाफ पहले मैच में भी दोनों बल्लेबाजों ने जिम्मेदारी से बल्लेबाजी की थी. उस मैच में कप्तान रोहित शर्मा ने हाफसेंचुरी लगाई थी. भारतीय टीम की जीत या भारतीय खिलाड़ियों के शतक को देखकर क्रिकेट फैंस को जमकर खुशी होती है.

लेकिन एशिया कप के मैचों को देखकर एक सवाल हर किसी के मन में आता है कि एशियाई पिचों पर आते ही इन बल्लेबाजों की चमक कैसे बढ़ जाती है. वही बल्लेबाज, वही बल्ला, वही बाइस गज की पट्टी लेकिन ऐसा लगता है कि इन बल्लेबाजों को आउट करना असंभव सा है. चूंकि रोहित शर्मा और शिखर धवन की जोड़ी ठीक ठाक समय से भारत के लिए सलामी जोड़ी का रोल निभा रही है इसलिए भी इन दोनों का जलवा ज्यादा नजर आता है.

एशियाई पिचों पर सिकंदर हो जाते हैं शिखर और रोहित शर्मा

आपको बता दें कि रोहित शर्मा और शिखर धवन की जोड़ी ने हाल ही में सबसे कामयाब सलामी जोड़ी की फेहरिस्त में भी जगह बनाई है. पाकिस्तान के खिलाफ पिछले मैच में उन्होंने लक्ष्य का पीछा करते हुए पहले विकेट के लिए रिकॉर्ड साझेदारी की. इसके अलावा शतकीय साझेदारी के मामले में उन्होंने सचिन और सहवाग की जोड़ी को पीछे छोड़ दिया है. वनडे क्रिकेट में शिखर धवन और रोहित शर्मा की जोड़ी अब सिर्फ सचिन तेंडुलकर और सौरभ गांगुली की जोड़ी से पीछे है.

विदेशी पिचों पर नहीं चलता जादू

ये वही बल्लेबाज हैं जो विदेशी पिचों पर अक्सर गलती करते हैं. हाल ही में इंग्लैंड के दौरे पर भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला था. इंग्लैंड के दौरे में रोहित शर्मा ने एक वनडे मैच में शतक जड़ा था. उसके बाद अगले दो मैचों में उनके बल्ले से 15 और 2 रन बने थे. इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर भी रोहित शर्मा की हालत कुछ ऐसी ही थी. सीरीज के एक मैच में शतक को छोड़ दिया जाए तो बाकि मैचों में वो 15-20 रन बनाकर जूझ रहे थे.

कुछ ऐसी ही हालत शिखर धवन की भी है. शिखर धवन को इंग्लैंड में तीनों वनडे मैचों में अच्छी शुरूआत मिली. उन्होंने 40, 36 और 44 रन बनाए लेकिन अपनी पारी को वो शतक में तब्दील करने में नाकाम रहे. कुछ ऐसी ही समस्या टेस्ट सीरीज में भी देखने को मिली थी. टेस्ट सीरीज में भी शिखर धवन को लगातार अच्छी शुरूआत मिलती रही लेकिन वो कोई भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे. जो भारतीय टीम की हार की बड़ी वजह भी थी.

बेहद औसत आंकड़ों के साथ इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में शिखर धवन का एक पारी में सर्वाधिक स्कोर 44 रन था जो उन्होंने नॉटिंघम टेस्ट मैच में बनाया था. जिस टेस्ट मैच में भारत को जीत मिली थी. उससे पहले दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर फिर भी शिखर धवन का प्रदर्शन अच्छा था. जहां उन्होंने वनडे सीरीज में एक शतक और 2 अर्धशतक लगाया था.

कप्तान 200वां वनडे खेल रहे हैं एम एस धोनी

अफगानिस्तान के खिलाफ कप्तानी के लिए उतरते ही एम एस धोनी ने अपने बयान से सभी का दिल जीत लिया. धोनी ने कहा कि टीम इंडिया के लिए बतौर कप्तान 200वां वनडे मैच खेलना बेहद ही शानदार है लेकिन इन रिकॉर्ड्स से फर्क नहीं पड़ता. धोनी ने खुलासा किया कि वो नहीं जानते थे कि उन्होंने टीम इंडिया के लिए कितने वनडे मैचों में कप्तानी की है.

धोनी ने कहा, 'मैं नहीं जानता था कि मैं कहां खड़ा हूं. मैंने 199 वनडे मैचों में कप्तानी की है तो अब मुझे 200 वनडे पूरे करने का मौका मिल गया है. ये सब किस्मत की बात है, मैं हमेशा इस पर विश्वास करता हूं. जब मैंने कप्तानी छोड़ी तो ये मेरे हाथ में नहीं था. बतौर कप्तान 200 वनडे पूरा करना अच्छा है लेकिन मुझे नहीं लगता इससे कोई फर्क पड़ता है.

बता दें धोनी 200 वनडे में कप्तानी करने वाले दुनिया के तीसरे खिलाड़ी हैं. उनसे पहले रिकी पॉन्टिंग और स्टीफन फ्लेमिंग के नाम ये कीर्तिमान है. इसके अलावा वो 200 वनडे में कप्तानी करने वाले एशिया के पहले कप्तान हैं. धोनी भारत की सबसे उम्रदराज कप्तान भी बन गए हैं. 37 साल, 80 दिनों के एम एस धोनी ने मोहम्मद अजहरुद्दीन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जिन्होंने 36 साल 124 दिनों की उम्र में टीम इंडिया की कप्तानी की थी.

गेंद और पिच का है सारा कमाल

दरअसल सबसे बड़ा खेल गेंद और पिच का है. वनडे क्रिकेट में इस्तेमाल की जाने वाली सफेद गेंद टेस्ट मैच की लाल गेंद के मुकाबले कम हिलती है. यानी वनडे क्रिकेट की गेंद में स्विंग या सीम उतना नहीं होता जितना टेस्ट मैच की लाल गेंद में. उस पर से एशियाई पिचों पर तो गेंद स्विंग और सीम ना होने के साथ साथ ज्यादा उछाल भी नहीं लेती. यानी बल्लेबाज को पता है कि गेंद विकेट पर टप्पा खाने के बाद किसी तरह का ‘मिसबिहेव’ नहीं करेगी. मतलब टप्पा खाने के बाद गेंद किसी तरह की परेशानी नहीं पैदा करेगी.

इसके अलावा एशिया कप में इन बल्लेबाजों को एक और बड़ा फायदा ये है कि उन्हें एक ही मैदान में खेलना है. जबकि बाकि की टीमें दुबई के अलावा आबूधाबी में भी खेलेंगी. पाकिस्तान और अफगानिस्तान की टीम ने इस बात का विरोध भी किया कि आखिर भारतीय टीम को एक ही मैदान में अपने सभी मैच खेलने की सहूलियत क्यों दी जा रही है?


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