Monsoon News : मानसून करवाएगा अच्छी बारिश, घबराएं नहीं किसान, तैयारियां रखें


Monsoon News : मानसून करवाएगा अच्छी बारिश, घबराएं नहीं किसान, तैयारियां रखें

रायपुर। मानसून का इंतजार हर किसी को है। किसान हो या आम व्यक्ति, कृषि विभाग हो या मौसम विभाग, नगरीय निकाय की सरकार हो या केंद्र सरकार। हर कोई आसमान की तरफ आंखें जमाए हुए है। क्योंकि अच्छी बारिश से अच्छी पैदावार होगी। तालाब, नदियां, बांध भरेंगे। बारिश के बाद आठ महीने पानी का संकट नहीं होगा। मगर सवाल सबके सामने यही है कि आखिर मानसून कब आएगा?
किसानों को जोताई करनी है, ताकि पलट जाए। बारिश होगी इसके बाद रोपा या बोनी होगी। किसान इस बात को लेकर चिंतित हैं कि आखिर वे जोताई करें तो कब...। दूसरी तरफ भीषण गर्मी से राहत के लिए बारिश का इंतजार आम से लेकर खास हर किसी को है। मानसून कहां पहुंचा है?
गुरुवार को 'नईदुनिया' ने अपने साप्ताहिक कार्यक्रम में ऐसे ही सवालों के जवाब के लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की मौसम विज्ञान अध्ययन शाला के विभागाध्यक्ष डॉ. जीके दास और मौसम विज्ञान केंद्र लालपुर के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानी एचपी चंद्रा को आमंत्रित किया। इन्होंने टेलीफोन के जरिए पाठकों की जिज्ञासा का समाधान किया, उनके सवालों के जवाब दिए।
कृषि विज्ञानी डॉ. दास ने किसानों से अपील की है कि वे खेती की महत्ता को समझें। अच्छी फसल के लिए थोड़ा परिश्रम करें और विशेषज्ञों से राय लें। मिट्टी का परीक्षण करवाएं कि आपकी मिट्टी किस फसल के लिए उपयोगी है। अच्छे बीज, प्रमाणित बीज लें। ठीक ढंग से खेती कार्य करें। खेती की पद्धति क्या होनी चाहिए, यह भी जानें।
मानसून में देरी की कई वजहें होती हैं, मगर इतनी भी देरी से नहीं आ रहा है, ज्यादा चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। छत्तीसगढ़ में 1100 मिमी बारिश हर साल होती है, इस साल भी इतनी ही होगी। अगर अच्छी गर्मी पड़ रही है तो समझिए कि अच्छी बारिश भी होगी।

हैलो नईदुनिया में विशेषज्ञों ने दिए सवालों के जवाब-
सवाल- स्वीट कॉर्न की फसल लगाना चाहता हूं, क्या फसल के लिए अभी उपयुक्त समय है? - रविकांत, मध्यप्रदेश
डॉ. दास- स्वीट कॉर्न की मांग बाजार में तेजी बढ़ी है। इसलिए बरसात होने या पर्याप्त सिंचाई की व्यवस्था होने पर स्वीट कॉर्न की खेती की जा सकती है। वैसे भी अलग-अलग फसलें लगानी चाहिए। मगर इसके पूर्व जिले में कृषि केंद्रों में जाकर विशेषज्ञों की राय लें, ताकि सही मार्गदर्शन मिल सके।
सवाल- बेहतर पैदावार हो इसके लिए कौन सी फसल लगाएं? - सतबीर शर्मा, बिलासपुर
डॉ. दास- कोई भी फसल के लिए सबसे जरूरी है पानी, मिट्टी और प्रमाणित बीज। इसके आधार पर किसान बेहतर पैदावार ले सकते हैं। इसलिए कृषि विज्ञान केंद्र में संपर्क करें। आपको सही जानकारी मिलेगी। या फिर आप इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय आएं, आपको यहां सही जानकारी दी जाएगी। आप प्रमाणित बीज भी यहां से खरीद सकते हैं।
सवाल- रासायनिक खाद के उपयोग से फसलों की पैदावार काफी प्रभावित हो रही है, इससे कैसे बचा जाए? - सरोज साहू, नवागांव
डॉ. दास- पेस्टीसाइट के बढ़े चलन से जरूर फसलों की पैदावार प्रभावित हो रही है, लेकिन इसके लिए कहीं न कहीं किसान स्वयं जिम्मेदार हैं। जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए शासन की तरफ से प्रयास चल रहे हैं। इसी तरह से नरवा, गरुवा, घुरुवा और बाड़ी योजना भी सदियों से चली आ रही किसानी परंपरा को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है। इससे जुड़कर किसान अच्छी फसल ले सकते हैं।
सवाल- प्रदेश में गर्मी लगातार बढ़ती जा रही है, इस बार रायपुर में बरसात कब तक होगी? - प्रियंका अग्रवाल, रायपुर पुरानी बस्ती
एचपी चंद्रा- पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष जरूर तापमान में बढ़ोतरी हुई, लेकिन रायपुर में बरसात की बात करें तो 15 से 20 जून तक हो सकती है। ऐसा नहीं है कि तब तक गर्मी बनी रहेगी। मौसम में इसके पूर्व परिवर्तन दिखाई देगा। प्री-मानसून आएगा। आपने गुरुवार को ही देखा होगा, मौसम बदला और हल्की ठंडक आई है।
सवाल- इस बार का मानसून कैसा रहेगा, फसल की तैयारी कब से शुरू की जाए? - सुखराम, धरसींवा
डॉ. दास- मानसून थोड़ी देरी से आने के संकेत हैं। सिंचाई की व्यवस्था नहीं है तो अभी बरसात का इंतजार करें। यदि पानी की व्यवस्था है तो रोपा की धान के प्रमाणित बीज की नर्सरी लगा सकते हैं। मानसून अच्छा रहेगा, फसल के साथ डेयरी के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर सकते हैं।
सवाल- धान के उन्नत बीज कौन से हैं, जिससे बेहतर पैदावार की जा सके? - अनिल सेन, बलौदाबाजार
डॉ. दास- इंदिरा गांधी कृषि विवि में धान बीज की बहुत सी वेरायटी उपलब्ध है। मिट्टी, पानी को ध्यान में रखकर बेहतर धान की फसल ली जा सकती है। दुबराज, विष्णुभोग जैसी कई वैरायटी अच्छी है।
सवाल- मेरी पांच एकड़ जमीन है, नींबू के पौधे लगाना चाहता हूं? - कामताराम देवांगन, रायपुर
डॉ. दास- नींबू की अच्छी क्वालिटी उद्यानिकी विभाग और अन्य केंद्रों में भी मौजूद है। मटासी भूमि में बड़ी आसानी से पौधे लग जाएंगे। बस ध्यान रखिए कि पानी नहीं भरना चाहिए।
सवाल- इस साल क्या वर्षा सामान्य रहेगी? - रामदास जायसवाल, गिरौदपुरी
एचपी चंद्रा- मानसून आने में थोड़ी देरी जरूर है, मगर चिंता जैसी फिलहाल कोई बात नहीं है। अगर मानसून को अनुकूल परिस्थितियां मिलती हैं तो वह तेजी से आगे बढ़ भी सकता है। अभी अंडमान में अटका है।
सवाल- मैदानी इलाकों में अलग बारिश होती है, जंगल के क्षेत्रों में अलग? ऐसा कैसे? रोशन लाल, डोंगरगांव
एचपी चंद्रा- पहाड़ी क्षेत्रों में अधिक बारिश होती है, इसके पीछे साइंटिफिक रीजन है। मैदानी इलाकों में कम होती है, क्योंकि यहां पर वैसी परिस्थितियां नहीं बनतीं, जो वर्षा करवाने में सहायक हों। इसलिए आप देखते होंगे कि जगदलपुर में ज्यादा बारिश होती है, अपेक्षाकृत रायपुर-बिलासपुर के।




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