जुकाम और खांसी

मौसम में बदलाव के साथ ही कई प्रकार की बीमारियां व्‍यक्ति को अपना शिकार बनाती है। इनमें जुकाम और खांसी सबसे सामान्‍य हैं। साधारण सी बीमारी लगने वाली ये बीमारी आपको बहुत परेशान कर सकती है।

जुकाम और खांसी

मौसम में बदलाव के साथ ही कई प्रकार की बीमारियां व्‍यक्ति को अपना शिकार बनाती है। इनमें जुकाम और खांसी सबसे सामान्‍य हैं। साधारण सी बीमारी लगने वाली ये बीमारी आपको बहुत परेशान कर सकती है। इसके उपचार के लिए आप घरेलू उपाय आजमा सकते हैं, ये आसानी से उपलब्‍ध होते हैं और इनका कोई भी साइड इफेक्‍ट भी नही पड़ता है।

लंबे समय से है जुकाम तो हो सकते हैं ये कारण

सर्दियों के मौसम में सर्दी-जुकाम होना आम है। सर्दी-जुकाम होने पर सिरदर्द, गले में परेशानी, नाक बहना आदि समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वैसे तो यह 5 से 7 दिन तक रहता है लेकिन अगर इससे ज्यादा दिन जुकाम रहे तो एक बार डॉक्टरी सलाह जरूर लें। इसके अलावा जुकाम ज्यादा देर रहने के और भी कई कारण हो सकते है।

1. कम पानी पीना

गर्मियों की अपेक्षा सर्दियों में लोग कम पानी पीते हैं जिससे शरीर हाइड्रेट नहीं रहता। लिक्ड चीजों का कम सेवन करने से थकान और डिहाईड्रेशन हो सकती है। वहीं, जब आप बीमार होते है तो शरीर को अधिक पानी की जरूरत होती है। एेसे में जूस, पानी और सूप अधिक पीएं। 

2. गलत खानपान 

अक्सर लोग बीमार होने पर खाना-पीना छोड़ देते हैं या फिर मसालेदार चीजों का सेवन करते हैं,जोकि आपके शरीर को नुकसान पहुंचाती है। दरअसल, बीमार होने पर शरीर को अधिक पोषक तत्वों की जरूरत होती हैं। एेसे में जुकाम होने पर पौष्टिक आहार लें। खानपान सही न रखना भी लंबे समय तक जुकाम रहने का कारण है।

3. तनाव

आजकल अधिकतर लोग तनाव से ग्रस्त है। कई शोधों में पाया गया है कि तनाव कई बीमारियों की वजह बनता है। अगर आपको भी लंबे समय से जुकाम है तो एक बार डॉक्टरी जांच जरूर करवाएं क्योंकि तनाव भी इसका कारण हो सकता है।

4. एक्सरसाइज 

जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज भी सेहत को नुकसान पहुंचाती है। वहीं, बीमार होने पर एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए। ज्यादातर लोग सोचते हैं कि जुकाम होने पर एक्सरसाइज की जा सकती है। एक्सरसाइज करें लेकिन ज्यादा नहीं क्योंकि यह भी तनाव का कारण बन सकती है।

5. भरपूर नींद न लेना
अक्सर बिजी लाइफस्टाइल के कारण लोग भरपूर नींद नहीं ले पाते, जिसके कारण उनका जुकाम ठीक नहीं होता। एेसे में जुकाम होने पर पूरी नींद लें इससे आपको जल्द आराम मिलेगा।

खांसी-जुकाम से हो गए हैं बेहाल अपनाएं ये घरेलू उपाय

हल्‍दी

जुकाम और खांसी से बचाव के लिए हल्‍दी बहुत ही अच्‍छा उपाय है। यह बंद नाक और गले की खराश की समस्‍या को भी दूर करता है। जुकाम और खांसी होने पर दो चम्‍मच हल्‍दी पावडर को एक गिलास दूध में मिलकार सेवन करने से फायदा होता है। दूध में मिलाने से पहले दूध को गर्म कर लें। इससे बदं नाक और गले की खराश दूर होगी। सीने में होने वाली जलन से भी यह बचाता है। हती नाक के इलाज के लिए हल्दी को जलाकर इसका धुआं लें, इससे नाक से पानी बहना तेज हो जाएगा व तत्काल आराम मिलेगा।

कालीमिर्च

आधा चम्‍मच कालीमिर्च के चूर्ण और एक चम्‍मच मिश्री को मिलाकर एक कप गर्म दूध के साथ दिन में लगभग तीन बार पीने से आराम मिलता है। रात को 10 कालीमिर्च चबाकर उसके ऊपर से एक गिलास गरम दूध पीने से आरा‍म मिलता है। कालीमिर्च को शहद में मिलाकर चाटने से सर्दी और खांसी ठीक हो जाती है।

काली मिर्च पाउडर

जुकाम और खांसी के इलाज के लिए यह बहुत अच्‍छा देसी ईलाज है। दो चुटकी, हल्दी पाउडर दो चुटकी, सौंठ पाउडर दो चुटकी, लौंग का पाउडर एक चुटकी और बड़ी इलायची आधी चुटकी, लेकर इन सबको एक गिलास दूध में डालकर उबाल लें। इस दूध में मिश्री मिलाकर पीने से जुकाम ठीक हो जाता है। शुगर वाले मिश्री की जगह स्टीविया तुलसी का पाउडर मिलाकर प्रयोग करें।

तुलसी

समान्‍य कोल्‍ड और खांसी के उपचार के लिए बहत की कारगर घरेलू उपाय है तुलसी, यह ठंक के मौसम में लाभदायक है। तुलसी में काफी उपचारी गुण समाए होते हैं, जो जुकाम और फ्लू आदि से बचाव में कारगर हैं। तुलसी की पत्तियां चबाने से कोल्ड और फ्लू दूर रहता है। खांसी और जुकाम होने पर इसकी पत्तियां (प्रत्येक 5 ग्राम) पीसकर पानी में मिलाएं और काढ़ा तैयार कर लें। इसे पीने से आराम मिलता है।

अदरक

सर्दी और जुकाम में अदरक बहुत फायदेमंद होता है। अदरक को महाऔषधि कहा जाता है, इसमें विटामिन, प्रोटीन आदि मोजूद होते हैं। अगर किसी व्यक्ति को कफ वाली खांसी हो तो उसे रात को सोते समय दूध में अदरक उबालकर पिलाएं। अदरक की चाय पीने से जुकाम में फायदा होता है। इसके अलावा अदरक के रस को शहद के साथ मिलाकर पीने से आराम मिलता है।

नींबू

गुनगुने पानी में नींबू को निचोड़कर पीने से सर्दी और खांसी में आराम मिलता है। एक गिलास उबलते हुए पानी में एक नींबू और शहद मिलाकर रात को सोते समय पीने से जुकाम में लाभ होता है। पका हुआ नींबू लेकर उसका रस निकाल लीजिए, इसमें शुगर डालकर इसे गाढ़ा बना लें, इसमें इलायची का पावडर मिलाकर इसका सेवन करने से आराम‍ मिलता है।

गेहूं की भूसी

जुकाम और खांसी के उपचार के लिए आप गेहूं की भूसी का भी प्रयोग कर सकते हैं। 10 ग्राम गेहूं की भूसी, पांच लौंग और कुछ नमक लेकर पानी में मिलाकर इसे उबाल लें और इसका काढ़ा बनाएं। इसका एक कप काढ़ा पीने से आपको तुरंत आराम मिलेगा। हालांकि जुकाम आमतौर पर हल्का-फुल्का ही होता है जिसके लक्षण एक हफ्ते या इससे कम समय के लिए रहते हैं। गेंहू की भूसी का प्रयोग करने से आपको तकलीफ से निजात मिलेगी।

इलायची

इलायची न केवल बहुत अच्‍छा मसाला है बल्कि यह सर्दी और जुकाम से भी बचाव करता है। जुकाम होने पर इलायची को पीसकर रुमाल पर लगाकर सूंघने से सर्दी-जुकाम और खांसी ठीक हो जाती है। इसके अलावा चाय में इलायची डालकर पीने से आराम मिलता है।

हर्बल टी
सर्दी और जुकाम में औषधीय चाय पीना बहुत फायदेमंद होता है। सर्दी के कारण जुकाम, सिरदर्द, बुखार और खांसी होना सामान्‍य है, ऐसे में हर्बल टी पीना आपके लिए फायदेमंद है। इससे ठंड दूर होती है और पसीना निकलता है, और आराम मिलता है। यदि जुकाम खुश्‍क हो जाये, कफ गाढ़ा, पीला ओर बदबूदार हो और सिर में दर्द हो तो इसे दूर करने के लिए हर्बल टी का सेवन कीजिए।
कपूर

सर्दी से बचाव के लिए कपूर का प्रयोग भी फायदेमंद है। कपूर की एक टिकिया को रुमाल में लपेटकर बार-बार सूंघने से आराम मिलता है और बंद नाक खुल जाती है। इसके आलाव यह कपूर सूंघने से ठंड भी दूर होती है। कपूर की टिकिया का प्रयोग करके आप सर्दी और जुकाम से बचाव कर सकते हैं।

Note : Use anyone Home-remedies as given above best suits you.

जुकाम के लक्षण

हम में से कई लोगों की प्रकृति बड़ी नाजुक होती है, जरा सी ठंडी हवा लगते ही या थोड़ा ज्यादा पानी में रहते ही शरीर पर सर्दी का प्रभाव नजर आने लगता है। कुछ लोगों की नाक बंद हो जाती है, कुछ को नाक से पानी निकलता है और कुछ को जुकाम बढ़ने पर बदन दर्द और फीवर भी आ जाता है। 

वास्तव में जुकाम संक्रमण का एक प्रकार है जो कि वायरस के विभिन्न प्रकार के कारणों से हो सकता है। 
  1. जुकाम के लक्षण 
  2. सिर दर्द
  3. नाक बहना
  4. खांसी
  5. तेज बुखार
  6. आँखों में जलन
  7. गले में खराश
  8. शरीर में दर्द 

जुकाम से शारीरिक तकलीफ बढ़ जाती है। यदि सर्दी-जुकाम का उपचार उसके लक्षण नजर आते ही कर लिया जाए तो शरीर को अन्य दूसरी बीमारियों की परेशानी नहीं झेलनी पड़ती है। हालांकि यह कोई गंभीर बीमारी नहीं है लेकिन यह देखा जाता है कि इस बीमारी में दवाईयों का असर भी कम होता है। इसके लिए सबसे अच्छा होता है घरेलू यानी देसी नुस्खे का इस्तेमाल। क्योंकि अंग्रेजी दवाइयों का असर भी देर से होता है और साथ ही इसके साइड इफ़ेक्ट दूसरी समस्याओं को जन्म देते हैं इसकी सबसे बेस्ट है होम रेमेडीज। 

यह घरेलू उपचार किसी भी दुष्प्रभाव के बिना सर्दी के विभिन्न लक्षणों से प्रभावी राहत पहुंचाते हैं। कुछ ऐसे घरेलू इंग्रेडिएंट्स जो जुकाम पर तुरन्त लगाते हैं लगाम...

1. दूध और हल्दी

हल्दी एंटी वायरल और एंटी बैक्टेरियल होता है जो सर्दी जुकाम से लड़ने में काफी मददगार होता है। इसलिए गर्म पानी या फिर गर्म दूध में एक चम्मच हल्दी मिलाकर पीने से सर्दी जुकाम में तेजी से फायदा होता है। यह नुस्खा ना सिर्फ बच्चों बल्कि बड़ों के लिए भी कारगर साबित होता है। 

2. अदरक की चाय

अदरक के यूं तो कई फायदे है लेकिन अदरक की चाय सर्दी-जुकाम में भारी राहत प्रदान करती है। सर्दी-जुकाम या फिर फ्लू के सिम्टम में ताजा अदरक को बिल्कुल बारीक कर ले और उसमें एक कप गरम पानी या दूध मिलाए। उसे कुछ देर तक उबलने के बाद पीए। यह नुस्खा आपको सर्दी जुकाम से राहत पाने में तेजी से मदद करता है।

3. नींबू और शहद

नींबू और शहद के इस्तेमाल से सर्दी और जुकाम में तुरन्त फायदा होता है। दो चम्मच शहद में एक चम्मच नींबू का रस एक ग्लास गुनगुने पानी या फिर गर्म दूध में मिलाकर पीने से इसमें काफी लाभ होता है।

4. लहसुन

 लहसुन सर्दी-जुकाम से लड़ने में काफी मददगार होता है। लहसुन में एलिसिन नामक एक रसायन होता है जो एंटी बैक्टेरियल, एंटी वायरल और एंटी फंगल होता है। लहसुन की पांच कलियों को घी में भूनकर खाएं। ऐसा एक दो बार करने से जुकाम में आराम मिल जाता है। सर्दी जुकाम के संक्रमण को लहसुन तेजी से दूर करता है।

5. तुलसी पत्ता और अदरक

तुलसी और अदरक को सर्दी-जुकाम के लिए रामबाण माना जाता है। इसके सेवन से जुकाम से तुरंत राहत मिलती है। एक कप गर्म पानी में तुलसी की पांच-सात पत्तियां ले। उसमें अदरख के एक टुकड़े को भी डाल दे। उसे कुछ देर तक उबलने दे और उसका काढ़ा बना लें। जब पानी जलकर आधा रह जाए तो इसे आप धीरे-धीरे पी लें। यह नुस्खा बच्चों के साथ बड़ों को भी जुकाम में राहत दिलाने के लिए असरदार होता है।

6. घी और काली मिर्च के साथ तुलसी के पत्ते

इन तीनों का मिश्रण एक तरह का आयुर्वेदिक उपचार है और सामान्य सर्दी को दूर करने में काफी कारगर साबित होता है। तुलसी के पत्ते अपने एंटी बैक्टीरियल गुणों से आपकी श्वास नली को आराम प्रदान करते हैं जिससे कि नाक की गन्दगी और संक्रमण भी काफी कम हो जाते हैं। इसलिए जब जुकाम जकड़े तब5 से 6 ताज़ी तुलसी की पत्तियां इकठ्ठा करें इन्हें पानी से साफ कर लें। इसके बाद इन्हें पीसकर एक पेस्ट तैयार कर लें। अब अगर संभव हो तो बिलकुल शुद्ध और पुराना घी तुलसी के इस पेस्ट के साथ मिश्रित कर लें। 1 से 2 काली मिर्चें पीस लें और इस पिसी हुई काली मिर्च को तुलसी और घी के साथ मिश्रित करें। इस मिश्रण को आसानी से कैप्सूल के आकार में भी बनाया जा सकता है। इसे लेकर थोड़े से पानी के साथ निगल लें। राहत पाने के लिए इस कैप्सूल को दिन में कम से कम 3 बार लें। आप नाक से हवा आने जाने की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए तुलसी की पत्तियां चबाना भी शुरू कर सकते हैं।

7. लाल प्याज का सीरप 

2-3 लाल प्याज को बारीक गोल टुकड़ों में काट लें। एक बर्तन में प्याज का एक टुकड़ा रखें और कच्चा शहद मिलाएं। जब तक बर्तन भर न जाए तब तक प्रक्रिया को दोहराएं। कटोरे को ढक कर रखें और 12 से 15 घंटे के लिए छोड़ दें। प्याज सीरप की तरह मोटी परत में जम जाएगा। अब इस घर के बने लाल प्याज सीरप से सर्दी से पीड़ित लोगों को राहत मिलेगी।

8. चिकन का सूप 
 चिकन सूप में कई आवश्यक पोषक तत्व विटामिन हैं जो आम सर्दी के लक्षणों के उपचार में मदद करते हैं। चिकन सूप के उच्च एंटीऑक्सीडेंट गुण जुकाम को ठीक करने की प्रक्रिया में तेजी लाते हैं। सर्वोत्तम परिणामों के लिए, जैविक सब्जियों और चिकन का उपयोग कर, घर का बना चिकन सूप तैयार करें।और फिर देखें जुकाम में चिकन सूप का कमाल करने वाला असर।

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नवजात शिशु (6 माह से अधिक) के जुकाम के लिए घरेलु उपाय !

नवजात शिशु (6 माह से अधिक) को जुकाम होने पर काफी परेशानी होती है, बच्चा इससे बेचैन हो जाता है, उसे सांस लेने में दिक्कत होती है, उसे स्तनपान करने में भी मुश्किल आती है। सबसे ज्यादा दिक्कत ये होती है कि इस उम्र के बच्चों को दवा पिलाने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ती है। ऐसे में बच्चे की इस स्थिति को देखकर पैरेंट्स परेशान हो जाते हैं। अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहीं हैं, तो आपके लिए हम लेकर आए हैं कुछ ऐसे घरेलु नुस्खे जिन्हें अपनाकर आप अपने शिशु के जुकाम को दूर कर सकती हैं।

एक कप सरसों के तेल में अचवाइन और लहसुन की 10 कलियां लेकर उसे पकाएं, थोड़ा ठंडा होने पर उससे बच्चे की मालिश करें। इससे बच्चे को काफी राहत मिलेगी। दरअसल सरसों के तेल, लहसुन और अजवाइन में कीटाणु रोधक और विषाणु रोधक गुण होते हैं। इसके अलावा आप सरसों के तेल में जायफल भी डाल सकती हैं। जायफल गर्म होता है, ऐसे में इसके मिश्रण वाले तेल से हुई मालिश से जुकाम खत्म होगा।

  • लहसुन की एक छोटी कली लेकर उसे पीसें। इसके बाद थोड़ा शहद मिलाकर पेस्ट बनाएं। दिन में एक या दो बार इसे बच्चे को दें।
  • अजवाइन का काढ़ा पिलाएं।
  • जुकाम के दौरान सूप काफी फायदेमंद होता है। बच्चे को सब्जियों का गर्म सूप चम्मच से आराम से पिलाएं। इससे काफी राहत मिलेगी।
  • शिशु को गर्म पानी में गुड़, जीरा और काली मिर्च का मिश्रण दें। सर्दी में ये काफी आरामदायक होता है।
  • आधी कटोरी देसी घी में एक गांठ अदरक पीस कर उसमें 25 ग्राम गुड़ डालकर पकाएं। ठंडा होने पर इसे थोड़ा-थोड़ा करके बच्चे को खिलाएं। इससे भी सुधार होगा।
  • नींबू के रस, दालचीनी पाउडर और शहद का मिश्रण तैयार करें और बच्चे को बीच-बीच में दें। यह सर्दी और खांसी के वायरस से लड़ने में काफी असरदार होता है।
  • आंवला धोकर उसे उबाल लें व उसका बीज निकालकर फेंक दें। इसके बाद आंवले को पीस कर कड़ाही में थोड़ा सा देसी घी डालें व इसे हलवा की तरह पकाएं। इसे पकाते वक्त बराबर मात्रा में गुड़ भी डालें। जब यह मिश्रण बन जाए, तो किसी बर्तन में रख लें और रोजाना बच्चे को एक-एक चम्मच खिलाएं।
  • लहसुन की एक छोटी कली लें, इसे पीसें और थोड़ा शहद मिलाकर पेस्ट बनाएं। इसके बाद दिन में एक या दो बार इसे बच्चे को दें। इससे जुकाम खत्म होगा।
  • अपने बच्चे को शहद चटाएं, क्योंकि यह गले को तर करता है और राहत पहुंचाता है। साथ यह खांसी को काबू करने में भी मददगार होता है। लेकिन, इस बात का भी ध्यान रखें कि आप एक साल से कम उम्र के बच्चे को शहद न दें।

सूखी खाँसी

खाँसना एक इर्रिटेटिंग और बड़ी ही दर्दनाक बीमारी है। यह एक ऐसी समस्या है जो कभी भी किसी को भी हो सकती है। जब भी  मौसम में जरा सा भी बदलाव होता है तो सबसे पहले उसका असर हमारे शरीर पर होता है और सर्दी खांसी जैसी बीमारी हमें जकड़ लेती है। सर्दी होने से हमारा नाक गला सभी बंद हो जाता है और हमें सांस लेने तक में कठिनाई होने लगती है। कई बार सर्दी तो ठीक हो जाती है, लेकिन खांसी लंबे समय तक  हमे तंग करती ही रहती है और ये खांसी बिना कफ के सूखी होती है।

सूखी खाँसी क्या है

खांसी दो प्रकार की हो सकती है सूखी खांसी और बलगम वाली खांसी। सूखी खांसी से किसी तरह का थूक या बलगम नहीं निकलता, इस प्रकार की खांसी नाक या गले के विषाणुजनित संक्रमण के दौरान होती है। सूखी खांसी से ये एहसास होता है के जैसे हमारे गले में कुछ अटक गया हो और खांसने के बावजूद भी निकल ना रहा हो। दोस्तो आज हम बात करेंगे इसी दर्दनाक सूखी खांसी के बारे में और साथ ही जानेंगे कैसे घरेलू उपचारों से कैसे इससे निजात पाएंगे। 

इन घरेलू नुस्खों को आज़माने से न सिर्फ आप अपनी सूखी खांसी से राहत पा सकते है बल्कि किसी भी प्रकार के केमिकल युक्त दवाइयां लेने से बच सकते है। इन नुस्खों को जरूर आज़माए...

सूखी खाँसी के कारण
  1. नाक और गले की एलर्जी खांसी होने के कारण आपको सूखी खांसी हो सकती है।
  2. आपको अगर अस्थमा या टीबी जैसे साँस की बीमारिया है तो यह भी एक वजह बन सकती है आपकी सूखी खांसी का।
  3. अगर आपको सर्दी, फ्लू या किसी प्रकार का वायरल इन्फेक्शन हो जाए तो यह एक बड़ा कारण बन सकता है आपकी सूखी खांसी का।
  4. यदि किसी व्यक्ति को फेफड़ो का कैंसर है तो उससे सूखी खांसी होती रहती है।
  5. हाई ब्लड प्रेशर के इलाज के लिए खाई गयी दवाए खाने से भी आपको सूखी खांसी की शिकायत हो सकती है।
  6. नाक जब ज्यादा बलगम बनाती है तो वो बलगम गले में चला जाता है जो खांसी होने की वजह बनता है।

सूखी खांसी को दूर करने के कुछ आसान घरेलू उपाय

  • शहद : सूखी खांसी को दूर करने के लिये आपको दिन में 1 चम्मच शहद 3 बार लें तो आपको राहत मिलेगी। शुद्ध शहद में ऐसे एंजाइम होते हैं जो खांसी से राहत दिलाते हैं। 
  • गरम पानी : 1 गिलास गरम पानी में 1 चम्मच नमक मिला कर सुबह शाम गरारा करने से सूखी खांसी में आराम मिलता है। जब आप नमक मिले पानी से गरारा करते हैं तो गले का दर्द और खांसी ठीक होने लगती है। 
  • काली मिर्च : काली मिर्च अपने औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। इसका गुण सुखी खांसी पर भी लगाम लगाता है। काली मिर्च को पीस कर घी में भूनकर खाने से गले को आराम मिलता है और सूखी खांसी से राहत मिलती है।
  • मसाला चाय : तुलसी, काली मिर्च और अदरक की चाय सूखी खांसी को दूर करने में सबसे अच्छी मानी जाती है। तो बनाइए बढ़िया मसाला चाय और पाएं खांसी से छुटकारा।
  • तुलसी का काढ़ा : तुलसी के पत्तों को पीस कर रस निकाल लें, फिर उसमें अदरक और शहद मिला कर पिएं इससे आपकी सूखी खांसी दूर हो जाएगी।
  • अदरक : अदरक का काढ़ा  पीना एक बहुत पुराना तरीका है खांसी को दूर भगाने का। अदरक को पानी में अच्छी तरह से उबाल कर उसमें 2 चम्मच शहद मिलाकर दिन में तीन बार पीने से आपको सूखी खांसी से राहत मिलेगी।
  • हल्दी : हल्दी में कई आयुर्वेदिक गुण होते है। इससे सूखी खांसी के इलाज में इस्तेमाल करने के लिए आधा कप पानी उबालें, उसमें 1 छोटा चम्मच हल्दी और 1 छोटा चम्मच पिसी काली चिर्म का मिक्स कर लें। आप चाहें तो इसमें दालचीनी भी डाल सकते हें। इसे उबालें और फिर इसे धीरे धीरे इसका सेवन करें। यह करने से जल्द ही आपको आराम मिलेगा गले मे और सूखी खांसी खत्म हो जाएगी।
  • नींबू : 2 चम्मच नींबू के रस में 1 चम्मच शहद मिक्स कर के इसे दिन में चार बार लें। इससे गले की खराश दूर होगी और आपको सूखी खांसी से राहत मिलेगी।
  • लहसुन : लहसुन एक एंटीबैक्टीरियल पदार्थ है जो गले की खांसी को तुरंत ही गायब करने में मदद करता है। 1 कप में दो या तीन लहसुन की कलियों को उबालें। जब पानी हल्का ठंडा हो जाए तब इसमें शहद मिला कर पीने सेसूखी खांसी में जल्द आराम मिलता है।
  • प्याज : आधा चम्मच प्याज के रस में 1 छोटा चम्मच शहद मिक्स करें और इसे दिन में दो बार लें।

सूखी खांसी को गैर-उपयोगी कफ के रूप में परिभाषित किया जाता है, यह जलन करने वाली होती है और गले में खराश पैदा करती है। इसलिए, अगर आपको ज़्यादा दिन तक खांसी रहे, तो उसे डॉक्टर से संपर्क करें।




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