अच्छी पर्सनेलिटी कैसे बनाए


अच्छी पर्सनेलिटी कैसे बनाए

लगातार चलते रहने का नाम ही जिन्दगी है और जो लोग खुद को इतना मजबूत बना लेते है की आने सभी परेशानीयों का मुकाबला डटकर कर पाते है वही लोग अपने जीवन में खुद को सफल बना पाते है

अच्छी पर्सनेलिटी 

लगातार चलते रहने का नाम ही जिन्दगी है और सभी के जीवन में अनेक उतार चढाव देखने को मिलते है अनेक प्रकार की परेशानिया सभी के जीवन में आती जाती रहती है और जो लोग खुद को इतना मजबूत बना लेते है की आने सभी परेशानीयों का मुकाबला डटकर कर पाते है वही लोग अपने जीवन में खुद को सफल बना पाते है, अब प्रश्न यह उठता है की सुखदुःख तो हर किसी के जीवन में आना स्वाभाविक है और इसे किसी कीमत पर टाला नही जा सकता है तो क्या इन दुखो का सामना तो डटकर किया ही जा सकता है और किसी भी दुःख का सामना करने के लिए खुद को हमे इतना मजबूत बनाना होगा की चाहे हमारे ऊपर कैसी भी बाधा क्यू न आये उसका हम सभी डटकर मुकाबला कर सके ऐसा तभी हो सकता है जब हम खुद मानसिक रूप से शशक्त और आत्मविश्वास से भरे पड़े हो और खुद को रातोरात कोई भी इतना मानसिक रूप से मजबूत नही बना सकता है यह एक हमारे जीवन में चलने वाली एक लम्बी प्रक्रिया है जिससे हमारा मस्तिष्क विभिन्न परिस्थितियों से गुजरते हुए इतना शक्तिशाली हो जाता है की जब कोई भी बाधा हमारे जीवन में आता है तो हम बिना घबराए उसका डटकर मुकाबला कर सकते है और ऐसा यह तभी होता है जब हम अपने जीवन में आत्मविश्वास से भरे होते है क्यूकी अगर थोडा सा भी हमारे अंदर नकारात्मकता का भाव आया तो निश्चित ही हम हर चीज में फायदे और नुकसान को सोचना शुरू कर देते है और जब लोग फायदे और नुकसान का आकलन करते है तो इस परिस्थिति में कोई भी ऐसा ठोस निर्णय नही ले पाते है यानी नकरात्मक होना भी कही न कही हमारे खुद के विकास में बहुत बड़ा बाधक है

कैसे खुद को मानसिक रूप से मजबूत बनाए (How to make yourself mentally strong)

हर इन्सान अपने जीवन में खुद को इतना काबिल बनाना चाहता है की दुनिया का हर सुख वैभव उसे नसीब हो और उसके जीवन में कभी भी किसी प्रकार का कोई दुःख नहीं हो, ऐसा होना तभी संभव है जब हम खुद पर इतना नियन्त्रण कर ले की चाहे हमारे जीवन में कितनी भी बाधा और परेशानी क्यू न आये लेकिन कभी खुद को विचलित न होने दे और इन चुनौतियों का सामना डटकर करे तो आईये जानते है कुछ ऐसी ही बाते जो हमे खुद के व्यक्तित्व के विकास में सहायक है

खुद को पहचाने (Know Myself)

कोई भी इन्सान विकास के किस हद तक जा सकता है उसे खुद नहीं पता होता है जरा आप ही सोचिये हम इंसानों के बीच के ही वो भी इन्सान रहे होंगे जो बड़े बड़े विज्ञान की खोजो के चलते मंगल, चन्द्रमा जैसे अन्य ग्रहों पर भी जा चुके है जो की हम सभी सपने में भी ऐसा न सोचते होंगे यही हम और उन इंसानों की सोच में फर्क है जो हमे उनसे अलग करती है, अगर हमारे अंदर सोचने की ताकत है तो निश्चित ही उसे पूरा करने की शक्ति भी है बस जरूरत होती है तो सिर्फ इच्छाशक्ति की और बिना इच्छाशक्ति के इन्सान कुछ चाहकर भी कुछ कर नही सकता है
फिर अब यह प्रश्न उठता है की जो लोग बड़े बड़े काम कर जाते है लोग कहते है उनका Luck तेज होता है तो मान लीजिये अगर हमारा Luck अगर तेज नही है तो क्या हम सभी कोशिश करना भी छोड़ देंगे नही न इसलिए किसी भी इन्सान को खुद के बारे में जानना बहुत जरुरी होता है और दुनिया में कोई भी इन्सान पूर्ण नही होता है कोई न कोई कमी जरुर होती है लेकिन जो लोग अपने कमजोरियों पर विजय पा लेते है फिर उन्हें आगे बढने से कोई भी नही रोक सकता है
इसलिए अगर खुद को इतना सक्षम बनाना है की जीवन में आने वाली हर चुनौतियों का सामना कर सके तो पहले खुद का आकलन करना चाहिए की हमारी क्या कमजोरी है और हमारी क्या ताकत है फिर इन कमजोरियों को समझकर उन्हें दूर करने का प्रयास करे और फिर अपने Strengths Power से आगे बढ़े तो जीवन में आने वाली हर चुनौतियों का सामना कर सकते है

अपना ध्यान खुद रखना सीखे (Be Careful Himself)

जीवन में लम्बी आयु का राज निरोगी होना होता है यदि आप स्वस्थ, हस्टपुष्ट और रोगों से दूर है तो निश्चित ही लम्बी आयु वाले होंगे और लोग स्वस्थ्य होते है उनका मस्तिष्क भी अच्छे कामो में अच्छे से लगता है यदि आप अपने जीवन में कुछ हासिल करना चाहते है तो सबसे पहले अपने जीवन से प्यार करना सीखे और खुद का खुद से ख्याल रखना बहुत जरुरी होता है क्यूकी ये जीवन आपका है और अपने जीवन का ख्याल भी आपको ही रखना है

आजकल तो लोगो के मुह से कही भी कहते हुए सुना जाता है की यार मुझे तो शराब की लत लग गयी है मै तो सिगरेट छोड़ना चाहता हु लेकिन छोड़ नही पाता हु यार मै रोज सुबह समय पर उठना चाहता हु लेकिन उठ नही पाता हु ऐसी तमाम बाते हम अपने आस पास के लोगो से सुनते है तो जरा गौर करिए जो लोग ऐसा कहते है वे क्या कभी अपनी इन बुरी आदतों से छुटकारा पाने के लिए कोशिश भी करते है शायद नही, क्यूकी दुनिया में ऐसा कोई भी काम नही है जो इन्सान नही कर पाए, इसलिए अगर सचमुच हम अपने जीवन को सुंदर बनाना चाहते है तो सबसे पहले खुद का ख्याल खुद से रखना सीखना चाहिए और जो लोग सुबह सूर्योदय से पहले उठते है व्यायाम करते है एक निश्चित दिनचर्या बनाये हुए है समय पर खाना, समय पर सोना और आवश्कता से अधिक नही सोना और समय से जग जाना नियमित बेसिस पर करते है वे निश्चित ही अच्छे स्वास्थ्य के अधिकारी है

खुद को बदले (Change yourself)

जीवन में अगर कुछ पाना है तो सबसे पहले हमे खुद की आदतों में सुधार लाना आवश्यक होता है अक्सर हमें बताया जाता है की सुबह जल्दी उठकर प्रतिदिन व्यायाम और टहलना चाहिए जिससे हमारा स्वास्थ्य अच्छा बना रहता है ये तो सब जानते है लेकिन ऐसा बहुत ही कम लोग कर पाते है और यदि हमे भी खुद में इसके लिए तैयार करना है तो सबसे पहले जो चीज हमे करना है उसे हम अपने आदत में डाले, मान लीजिये हम सभी यदि ये संकल्प लेते है की हमे रोज उगते हुए सूर्य को देखना है तो सबसे पहले इसके लिए रात में निश्चित समय पर सोने का कोशिश करेगे और यह भी कोशिश करेगे की किसी भी तरह हमे सूर्योदय के ठीक पहले कैसे भी उठ जाना है तो शुरू में दो चार दिन हमे लगता है की ये कठिन है लेकिन जब यही हमारी आदत बन जाएगी तो हम खुद स्वत से प्रतिदिन सूर्योदय के पहले उठ जायेगे क्यूकी ऐसा तभी सम्भव हो सका क्यूकी हम लोग वही करते है जो चीजे हमारी आदत में होती है

मन और दिमाग पर नियन्त्रण रखे (Control mind and brain)

वो कहते है न स्वच्छ दिमाग स्वच्छ मन का घर होता है यदि आपके अंदर लगातार सिखने की क्षमता है तो निश्चित ही आप कभी भी अपने समय को युही व्यर्थ नही करना चाहेगे और जो व्यक्ति हमेसा कुछ नया सीखना चाहता है उसके दिमाग की रचनात्मक प्रक्रिया हमेशा चलती रहती है और जो व्यक्ति अपने दिमाग से ज्यादा से ज्यादा काम लेता है उसी इन्सान की सोचने की क्षमता अनंत होती है और जो व्यक्ति सोच सकता है वो निश्चित कर भी सकता है इसलिए हमे अपने जीवन के अमूल्य पलो को ऐसे ही व्यर्थ न जाने दे और हमेसा कुछ नया करते रहना चाहिए जब भी मौका मिले लोगो के बारे में जाने, उनसे विचार विमर्श करे, लोगो से हम क्या सीख सकते है हमेसा खुद को उत्सुक बनाये और अपनी बातो को रखने के साथ साथ दुसरो की बातो पर भी विचार विमर्श करे ऐसा करने से हमारे दिमाग की सोचने की क्षमता बढती जायेगी और लोगो से कब क्या बोलना है कैसे बात करना है ये खुद स्वत ही सीख भी जायेगे

सकरात्मक बने (Be positive)

जीवन का सबसे बड़ा पहलु है सकरात्मक होना, यदि आपको कोई भी निर्णय लेने में उसके हमेसा पक्ष और सकरात्मक परिणाम के बारे में सोचते है तो निश्चित ही ऐसा सोचना अपने आप के लिए फायदेमंद है क्यूकी सफलता की शुरुआत तो हमे हमारे सोचने पर ही निर्भर होता है यदि हम किसी चीज की शुरू करने से पहले ही मन में नकरात्मक का भाव रखेगे तो निश्चित ही उसे पूरा करने में उतना दिलचस्पी नही होगा इसलिए अगर हम किसी भी चीज को सकरात्मक रूप से देखेगे तो हमारे अंदर एक अलग तरह का जोश होंगा

जीवन में अपना लक्ष्य बनाये (Control mind and brain)

वो कहते है ना बिना लक्ष्य के कोई यात्रा भी पूरा नही होता है तो जीवनरूपी यात्रा में खुद का लक्ष्य होना बहुत जरुरी है सबसे पहले खुद सोचे की हमारी क्या ताकत है और हमारी क्या कमजोरी है और जो पक्ष आपका सबसे मजबूत हो उसी के हिसाब से अपने जीवन में अपना लक्ष्य निर्धारित करे और और जब कोई अपने लक्ष्य के हिसाब से काम करना शुरू करता है तो उसे पूरा करने में एक अलग तरह का जोश होता है और बिना किसी लक्ष्य के जीवन में बोरियत महसूस होने लगती है इसलिए जब जीवन में कोई भी अपना लक्ष्य जरुर बनाये और अगर लक्ष्य बड़ा हो तो इसे छोटे छोटे भागो में पूरा करने की कोशिश करे तो निश्चित ही लक्ष्य चाहे कितना बड़ा होगा एक दिन जरुर हासिल होंगा

सोचने का नजरिया बदले (Change the attitude of thinking)

जो इन्सान जितना अधिक चिन्तन करता है उसकी सोचने की ताकत और उसका नजरिया बदल जाता है फिर वो इन्सान चाहे कितनी भी विकट परिस्थिति में क्यू न हो वह अपने दुःख की घडी में अपना खुद का ठोस निर्णय ले सकता है और अगर अपनी सोच में बदलाव लाना है तो पुस्तके सबसे बड़ी सहायक होती है जो इन्सान जितना अधिक पुस्तको का अध्यन करता है उसके सोच में जरुर बदलाव देखने को मिलता है इसलिए जब भी खाली वक़्त हो तो हमे अच्छी पुस्तको का अध्यन करना चाहिए क्यूकी पुस्तके भी कही न कही हमे आगे बढने को प्रेरित करती है

ईमानदार बने (Be honest)

आजकल लोगो में एक दुसरो को दिखने की अजीब सा माहौल है हर कोई चाहता है की सबलोग उसपर ध्यान दे लेकिन ऐसा करने के चक्कर में लोग वास्तविकता से दूर होते चले जा रहे है इसलिए हम जो है वही सबके सामने वैसा ही बनकर पेश आये झूटी शान से कभी भी इन्सान का फायदा नही होता है और जो लोग खुद के प्रति ईमानदार होते है वे यथार्थ को हमेसा अपना सत्य मानते है और दिखावटीपन से हमेसा बचते है इसलिए खुद के प्रति खुद को ईमानदार बनाये

निर्णय लेना सीखे (Learn decision making)

जीवन में वही लोग आगे बढ पाते है जो खुद से कोई ठोस निर्णय ले पाते है और जो लोग दुसरो के भरोसे रहते है वे कभी भी खुलकर अपने लिए कोई भी निर्णय नही ले पाते है और ऐसे लोग सिर्फ दुसरो के दिखाए रास्ते पर चल पाते है और अगर थोडा सा भी संकट की घड़ी आता है तो ऐसे लोग तुरंत विचलित हो जाते है इसलिए जीवन में आगे बढना है तो हमे दुसरो से सलाह मशविरा तो जरुर करना चाहिए लेकिन अंतिम निर्णय खुद का होना चाहिए और जो लोग खुद से निर्णय लेते है वही लोग सही गलत में फर्क कर सकते है
 इस दुनिया में हर व्यक्ति की पहचान उसकी पर्सनालिटी की वजह से ही होती है इसीलिए चाहे लड़का हो या लड़की हर व्यक्ति चाहता है की उसकी पर्सनालिटी अच्छी हो इसीलिए वह अपनी पर्सनालिटी बनाने के लिए कई उपाय करते है लेकिन इन उपायों को करने के बाद भी वह अपनी पर्सनालिटी नहीं बना पाते | अगर आप भी अपनी पर्सनालिटी को आकर्षित बनाना चाहते है तो इसके लिए आप हमारे द्वारा बताये गए कुछ तरीके अपना सकते है जिनकी मदद से आप अपनी पर्सनालिटी को निखार सकते है |

आकर्षित बॉडी 

खैर आपको पहलवान या बॉडी बिल्डर जैसा दिखने की जरुरत नहीं है लेकिन आपको आकर्षित दिखने के लिए जरुरी है की आपका बदन गठीला दिखना चाहिए क्योकि लोगो की सबसे पहले नज़र हमारी बॉडी पर ही पड़ती है इसीलिए आप जिम जाना स्टार्ट करदे जिससे की आपकी बॉडी आकर्षित बन जाये अगर आपकी बॉडी अच्छी होगी तो आपकी पर्सनालिटी भी अच्छी लगने लगेगी |

शिष्टाचार (Manners)

अगर आप अपने अंदर मैनर्स रखते है तो यह सबसे महत्वपूर्ण बात है जो सभी लोग आप में नोटिस करते है इसीलिए आप किसी से बात करते समय सभी मैनर्स वाली बाते करे जिससे की लोग आपसे बात करने में रूचि लेंगे और आपका व्यक्तित्व और ज्यादा आकर्षित बनेगा इसीलिए आप कोशिश करे की अच्छी पर्सनालिटी बनाये रखने के लिए आप शिष्टाचार न भूले |

ड्रेसिंग सेन्स

अगर आपका ड्रेसिंग सेन्स अच्छा होगा तो लोग आपके व्यक्तित्व की तरफ अधिक आकर्षित होंगे | आपका पहनावा ऐसा होना चाहिए जो की आपकी पर्सनॅलिटी में सूट करे इसका मतलब यह नहीं है की आप कुछ भी अच्छा पहने लेकिन आपको अपना पहनावा स्थिति के हिसाब से पहनने है जैसे आप ट्रैवलिंग कर रहे है और आप उस समय शेरवानी या पार्टीवेयर अन्य ड्रेस पहन कर ट्रैवलिंग करेंगे तो यह बहुत अजीब लगेगा |

लोगो के साथ अच्छा व्यवहार करे (Behave well with people)

एक अच्छी आकर्षित पर्सनालिटी पाने के लिए आपको अपनी बॉडी के अलावा अंदर से भी काम करना होगा इसके लिए आप जिन लोगो से भी मिले उन लोगो से अच्छा व्यवहार करे | अगर आपका व्यवहार अच्छा रहेगा तो उन लोगो की नज़रो में आप अच्छे लगने लगोगे और आपका व्यक्तित्व भी अच्छा रहेगा |

एट्टीट्यूड में रहे (Stay at the Atitude)

Attitude Is Everything आपने अक्सर यह विचार तो हर किसी के मुहं से सुना होगा लेकिन क्या आप जानते है की लोग हमारी पर्सनालिटी की पहचान हमारे ऐटिटूड से ही करते है | इसीलिए अगर आप अपने व्यक्तित्व का विकास करना चाहते है तो इसके लिए आपको अपने अंदर ऐटिटूड लाना होगा तभी आपकी पर्सनालिटी अच्छी लगेगी |

बॉडी लैंग्वेज

आपो अपनी बॉडी लैंग्वेज को सही तरीके से रखना है अगर आप अपनी बॉडी लैंग्वेज को सही बनाये रखते है तो निश्चित रूप से इससे आपकी पर्सनालिटी इम्प्रूव होती है | इसीलिए जब आप किसी से बात कर रहे है तो अपना हाव-भाव को, फेस पर स्माइल को बनाये रखे जिससे की आपकी पर्सनालिटी डेवलप होगी |
ऑफिस में कुछ लोगों की पर्सनेलिटी बहुत अच्छी होती है। वे आत्मविश्वास से भरे नजर आते हैं। साथ ही उनकी हैल्थ भी बहुत अच्छी होती है। क्या वाकई पर्सनेलिटी का हैल्थ से कोई संबंध हैं। आइए जानते हैं व्यक्तित्व और स्वास्थ्य के संबंध के बारे में। "ऑफिस में कुछ लोगों की पर्सनेलिटी बहुत अच्छी होती है। वे आत्मविश्वास से भरे नजर आते हैं। साथ ही उनकी हैल्थ भी बहुत अच्छी होती है। क्या वाकई पर्सनेलिटी का हैल्थ से कोई संबंध हैं। आइए जानते हैं व्यक्तित्व और स्वास्थ्य के संबंध के बारे में। 

सुधारिए अपनी पर्सनेलिटी (Improve your personality)

अगर आप अपनी पर्सनेलिटी पर ध्यान देते हैं तो इससे आप हैल्थ कॉन्शियस भी रहते हैं। काम के दौरान कब ब्रेक लेकर टहलना है और कब-कितना खाना यह एक शानदार व्यक्तित्व वाले व्यक्ति को हमेशा ध्यान रहता है। आपकी पर्सनेलिटी शानदार नहीं है तो आप खाने-पीने में भी ढुलमुल रवैया अपनाते हैं। इससे आपकी सेहत पर विपरीत असर पड़ता है। इसलिए अगर आप सेहत पर ध्यान नहीं देते हैं तो अपनी पर्सनेलिटी को सुधारने का प्रयास कीजिए। 

आत्मविश्वास जरूरी है 

शानदार पर्सनेलिटी से लैस व्यक्ति आत्मविश्वास से लबरेज रहता है और विपरीत परिस्थिति में घबराता नहीं है। आपके उठने-बैठने, बोलने-चलने, खाने-पीने आदि सभी चीजों के तरीकों में सुधार लाकर पर्सनेलिटी बनाइए और फिर देखिएगा आप कितने हैल्दी रहते हैं। 

पर्सनेलिटी में कमियां (Drawbacks in personality)

कई लोग खान-पान का भी ध्यान रखते हैं और खूब व्यायाम भी करते हैं पर स्वस्थ नहीं रह पाते। ऐसा इसलिए होता है कि क्योंकि उनकी पर्सनेलिटी में कुछ कमियां रहती हैं। अगर आप दूसरों को देखकर जलते या कुढ़ते हैं तो आपका मन शांत नहीं रह सकता। आपके दिमाग में ऐसे रसायनों का स्राव होता है जो आपको बेचैन करते हैं और स्वास्थ्य को खराब करते हैं। 
आकर्षक व्यक्तित्व अच्छी पर्सनेलिटी में लोगों से मिलना, सबकी तारीफ करना, खुश रहना, लोगों की मदद करना, सबके बारे में अच्छा सोचना, सलीके से उठना-बैठना, देखना आदि चीजें शामिल होती हैं। अगर आप एक व्यक्ति के तौर पर अच्छे हैं, आपका व्यक्तित्व आकर्षक है तो आपको स्वस्थ रहने से कोई नहीं रोक सकता है।

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