प्रदूषण समस्या : कारण और रोकथाम


प्रदूषण समस्या : कारण और रोकथाम

जैसे जैसे मनुष्यों की बेतहाशा संख्या बढती गयी और जिस तरह से हमने पेड़ो की अंधाधुं कटाई और नदियों को प्रदूषित किया है, उसका खामियाजा आने वाली पीढ़ी को काफी परेशान करने वाला है,  जिसका अगर रोकथाम नहीं किया गया तो आने वाले समय में इसके काफी गंभीर परिणाम भुगतने होंगे |

प्रदूषण समस्या

हमारे भारत देश और पुरे दुनिया में प्रदुषण एक गंभीर समस्या बन चुकी है और इसके पीछे कई कारण है. आरंभिक जीवन में पृथ्वी पर ज्यादा लोग नहीं थे, और जितने लोग थे वह सारे खानाबदोश की जीवन जीते थे | परन्तु समय के साथ साथ इन्हें आग जलाना सिखा, और यहाँ से आरम्भ हुआ पर्यावरण में प्रदूषित पदार्थ का आगमन |  इसके अलावा और भी कई कारण है जो हमारे प्रयावरण को प्रदूषित कर रहे है | परन्तु जैसे जैसे मनुष्यों की बेतहाशा संख्या बढती गयी और जिस तरह से हमने पेड़ो की अंधाधुं कटाई और नदियों को प्रदूषित किया है, उसका खामियाजा आने वाली पीढ़ी को काफी परेशान करने वाला है | आज के समय में प्रदुषण एक ऐसी समस्या बन गयी है, जिसका अगर रोकथाम नहीं किया गया तो आने वाले समय में इसके काफी गंभीर परिणाम भुगतने होंगे |

प्रदुषण के कारण 

  • जनसंख्या में वृधि |
  • जंगलो की होने वाली लगातार कटाई |
  • शहर का विस्तार |
  • नहरों की भराई |
  • वाहनों का बहुतायत में प्रयोग |
  • शहरो का विकास |
  • मनुष्य के सुविधाओ का विकास |
  • प्लास्टिक और ऐसें चीजों का प्रयोग जिन्हें नस्ट होने में 50 से 100 साल लगते हों |

प्रदुषण के प्रकार

बचपन से हम पड़ते आ रहे है की प्रदुषण 3 प्रकार के होते है | परन्तु बदलते समय के साथ प्रदुषण के प्रकार में भी बदलाव आया है |
  1. जल प्रदुषण (Water Pollution)
  2. वायु प्रदुषण (Air Pollution)
  3. भूमि प्रदुषण (Land Pollution)
  4. ध्वनि प्रदुषण (Sound Pollution)

जल प्रदुषण / Water Pollution

पृथ्वी पर बहुत प्रकार के दूषित तत्व पाए जाते है | जब पानी में दूषित तत्व घुल कर पानी को दूषित करते है, जल प्रदुषण कहलाता है | बचपन से हम ये सभी के मुख से सुनते आ रहे है की, “जल ही जीवन” है, पानी का सदुपयोग करे परन्तु आज तक जिसे जहा मौका मिला लोगो ने इसका दुरूपयोग ही किया | जिसके कारण आज हमारे पर्यावरण में स्वच्छ पानी की मात्र का काफी कमी आया है, और इसे हम सब मिलकर झेल रहे है |

जल प्रदुषण के कारण 
  • कारखानों द्वारा रसायानिक पदार्थ को नदी या तालाब में बहाना |
  • मनुष्यों द्वारा नदियों में नहाना, कपडे धोना, जानवरों को धोना आदि |
  • कृषि में उपयोग होने वाले खाद का पानी में घुलना |
  • नदियों या तालाबो में कूड़ा-कचरा, शव और पारंपरिक प्रथा का पालन करते हुए घरेलु सामग्री का पानी में विसर्जन करना |
जल प्रदुषण का प्रभाव 
  • प्रयावरण में जल स्तर का नीचे जाना |
  • जीव जंतु को स्वच्छ पानी पीने के लिए न मिलना |
  • दूषित पानी पीने के कारण मनुष्यों में कई प्रकार के बीमारियों का उत्पन होना | जैसे टाईफाइड, पीलिया, हैजा, गैस्ट्रिक आदि 
जल प्रदुषण का रोकथाम 
  • नदियों या तालाबो में कूड़ा-कचरा नहीं डालना |
  • कारखानों द्वारा रसायनिक पदार्थ को पानी में घुलने से रोकना |
  • दूषित पानी को खुले में नहीं बहाना |
  • कृषि में रसायनिक खादों के जगह जैविक खाद का इस्तेमाल करना |
  • पशुओ को तालाब या नदी में नहीं नहलाना |

वायु प्रदुषण / Air Pollution

वायु प्रदुषण का तात्पर्य वायु में रसायनिक तत्व और अवैछित पदार्थ की अधिकता होना, जिसके कारण वायु में पाए जाने वाले प्राकृतिक तत्व का अधिकता या कमी हो जाता है | मनुष्य के जीवन में वायु का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान होता है | मनुष्य अपने जीने के लिए वायु से ऑक्सीजन लेता है, परन्तु वायु में दूषित पदार्थो के मौजूदगी के कारण ऑक्सीजन के साथ अन्य रसायनिक पदार्थ का भी सेवन कर रहा है, जो मानव जीवन के साथ अन्य जीव जन्तुवो के लिए काफी नुकसानदेह है |

वायु प्रदुषण के कारण 

आज के इस नवयुग में वायु को प्रदूषित करने में मानव जाती का सबसे बड़ा योगदान है, जो की पुरे विश्व के लिए एक बड़ी समस्या बनकर खड़ी है | वायु प्रदुषण प्रायः निम्नलिखित कारणों से होता है –
  • जंगलो की कटाई |
  • फैक्ट्री से निकलता हुआ धुआं |
  • वाहनों से निकलने वाले धुएं |
  • मनुष्य द्वारा किया जाने वाला धुम्रपान |
  • जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuel) का इस्तेमाल |
  • घरेलु एवं कृषि रसायन का इस्तेमाल |

वायु प्रदुषण का प्रभाव

  • वायु प्रदुषण के कारण पर्यावरण में ओक्सिजन की मात्रा की कमी के कारण जीव-जन्तु में स्वास की समस्या |
  • वायु में मौजूद रसायनिक तत्व ओजोन स्तर को प्रभावित करता है, जिससे जीव-जन्तु में त्वचा संबंधित बीमारी होती है |
  • पर्यावरण में तापमान का वृधि होना वायु प्रदुषण का मुख्य कारण है |
  • वायु प्रदुषण के कारण acid rain का खतरा ज्यादा रहता है |
  • वायु प्रदुषण के कारण मनुष्य में विभिन्न प्रकार के बीमारी का उत्पन्न होना जैसे दमा, सर्दी-खाँसी, आँख संबंधित बीमारी, श्रवण शक्ति का कमजोर होना एवं त्वचा रोग आदि |

वायु प्रदुषण का रोकथाम 

आज के इस नवयुग में वायु प्रदुषण के रोकथाम के लिए हमे सिर्फ सरकार या किसी निजी संस्थान के ऊपर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि हर एक मनुष्य को इस विषय पर विशेष रूप से ध्यान देने की आवश्यकता है | इसके रोकथाम के लिए हमे निम्न बातो पर ध्यान देने की आवश्यकता है :-
  • वायु प्रदुषण के रोकथाम के लिए वृक्षारोपण सबसे अहम् उपाय है |
  • कारखानों का निर्माण ऐसा जगह करे जहा जनसंख्या कम हो और आस पास पेड़ पौधे अधिक मात्रा में हो, अगर कोई कारखाना किसी शहर में है, तो उसके आसपास या शहर में ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने का प्रयत्न करे |
  • घरेलु कार्यो में जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuel) के स्थान पर जैव ईंधन (Bio Fuel) का इस्तेमाल करे |
  • यातायात में वाहनों का इस्तेमाल कम करे |
  • घरेलु कार्यो में विधुत सामग्री का इस्तेमाल कम करे |

भूमि प्रदुषण / Land Pollution

भूमि की शुद्धता में असुद्धता का बढ़ जाना भूमि प्रदुषण कहलाता है | भूमि में रसायन के मात्रा की वृधि के कारण आज भूमि जहरीली होती जा रही है | जिसे रोकना अति आवश्यक हो गया है | अगर इसे इसे रोका नहीं गया तो आने वाले दिनों में जीव जन्तु को भोजन प्राप्त करना काफी दुर्लभ हो जाएगा | भूमि में रसायन की मात्रा बढ़ जाने के कारण भूमिगत जल भी प्रदूषित होती जा रही है |

भूमि प्रदुषण के कारण 

  • Acid Rain भूमि प्रदुषण के कारणों में से एक है |
  • कृषि में उर्वरक, रसायन एवं किटनाशको को ज्यादा इस्तेमाल |
  • Industries द्वारा खदानों से निकले ठोस कचड़े का विसर्जन |
  • प्लास्टिक से बने थैली और अन्य समानों का इस्तेमाल |
  • घर, सड़क और अन्य निर्माण कार्य में ठोस कचरे का विसर्जन |
  • काल कारखानों द्वारा निकाले गाए waste material का विसर्जन |

भूमि प्रदुषण का प्रभाव

  • कृषि के लिए भूमि की कमी |
  • भोज्य पदार्थ के स्रोत को दूषित करता है |
  • भूमिगत जल पर बुरा प्रभाव पड़ता है |
  • भूमि प्रदुषण के कारण जल एवं वायु प्रदुषण में वृद्धि होना |
  • भूमि प्रदुषण का रोकथाम और निवारण
  • कृषि में रासायनिक उर्वरक के स्थान पर जैविक उर्वरक का इस्तेमाल करे |
  • कारखानों द्वारा निकलने वाले दूषित प्रदार्थ को जहा तहा न फेके |
  • प्लास्टिक से बने थैलियो का कम इस्तेमाल करे |
  • वृक्षारोपण करे |

ध्वनि प्रदुषण / Sound Pollution
ध्वनि प्रदुषण अत्यधिक शोर को कहते है जिससे मनुष्य को सुनने में कठनाई होना | आज के इस आधुनिक युग में कई ऐसे उपकरण या कई ऐसे साधन हमारे आसपास मौजूद है जो ध्वनि प्रदुषण के मुख्य कारण है | 
  1. आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल |
  2. परिवहन के लिए वाहनों का इस्तेमाल |
  3. Heavy machine से निकलने वाली आवाज |
  4. Pressure horn का इस्तेमाल |

ध्वनि प्रदुषण के प्रभाव 

  • ध्वनि प्रदुषण के कारण जीव-जन्तु में सुनने की शक्ति का क्षीण होना |
  • मनुष्यों में कई प्रकार के बीमारी होने का खतरा, जैसे सिरदर्द, चिड़चिड़ापन, High B P के साथ अन्य  मनोवैज्ञानिक दोष |

ध्वनि प्रदुषण का रोकथाम 

  • वाहनों में Pressure horn का इस्तेमाल बंद करे |
  • अत्यधिक शोर के साथ loudspeaker या अन्य यंत्रो का इस्तेमाल न करे |
  • ऐसे उपकरण का इस्तेमाल करे जो शोर कम करता हो |
  • शहरो में सड़क के किनारे ध्वनि रोधक का इस्तेमाल करे |


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